औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने में जुटी उत्तर प्रदेश सरकार यूपी इन्वेस्टर समिट के दूसरे चरण की तैयारी में जुटी है। इसमें निवेश के लिए बातचीत का दौर शुरू हो गया है।
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शनिवार को निवेशकों की बैठक लेने नोएडा पहुंचे राज्य के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने खुद निवेशकों से एक-एक करके मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। यूपी में निवेश के लिए 10 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर सहमति बनी है।
मुख्य सचिव ने बताया कि निवेशकों के साथ हुई बैठक के दौरान करीब 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर सहमति बनी। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह व्यक्तिगत संपर्क कर निवेशकों की सहूलियत एवं सुविधाओं का लाभ दिलाएं।
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इस दौरान बीकानेर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, हेयर एपलाइंसेंस प्राइवेट लिमिटेड, एजी डाटर्स वेस्ट प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, शकुंत हैल्थकेयर एवं एक्सर आदि के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।
सिंगापुर इलेक्ट्रोनिक्स, एंड्रोटेक लिमिटेड, फ्रॉग सेल सेट, रामकिशन एंड संस, उडस्पिन टैक्सटाइल, जीवंतिका ग्रीन वेंचर्स द्वारा स्थापित की जाने वाली परियोनाओं के कार्यान्यवन में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेशकों की समस्याओं का निराकरण प्रत्येक दशा में एक पक्ष में कर दिया जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि पहले चरण में चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। राज्य सरकार देश और विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने में कामयाब हुई है। इसे देखते हुए अब सरकार दूसरे चरण की तैयारी कर रही है।
इसके लिए निवेशकों से बातचीत का दौर शुरू हो गया है, उनकी तरफ से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। राज्य में देसी-विदेशी बड़ी कंपनियों के साथ-साथ एमएसएमई को बढ़ावा देने की कवायद की जा रही है।
एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत फिरोजाबाद के कांच उद्योग, गौतमबुद्घ नगर के गारमेंट उद्योग, लखनऊ के चिकन एंब्रायडरी उद्योग को प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है।
बैठक में आईटी के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास राजेश कुमार सिंह, सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास एवं उद्योग बंधु के अधिशासी निदेशक संतोष कुमार यादव, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन, ग्रेटर नोएडा के पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा यमुना प्राधिकरण के अरुण वीर सिंह, जिलाधिकारी बीएन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
निवेशकों ने बयां किया दर्द
पहले चरण में निवेश करने वाले उद्योगपतियों के लिए के लिए सहूलियत की जमीन तैयार नहीं हो सकी है। निवेशकों ने बैठक में कई समस्याओं को मुख्य सचिव के समक्ष रखा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की पोल भी निवेशकों ने खोली।
ग्रेटर नोएडा के एक निवेशक ने बताया कि छह महीने बाद भी उद्योग स्थापित करने के लिए बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। सिकंदराबाद में निवेश करने वाले एक उद्यमी ने बताया कि अब तक जमीन ही नहीं मिली है तो उद्योग कहां लगाएं।
अधिकारी चक्कर लगवा रहे हैं। गाजियाबाद में निवेश करने वाले एक उद्यमी ने बताया कि अब तक तो कुछ नहीं हो पाया है, लेकिन जो प्रयास किए जा रहे हैं उससे लगता है कि सरकार काफी गंभीर है। मुख्य सचिव ने उद्यमियों की समस्याओं को सुना और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।