-देर रात तक मोबाइल चलाना और नींद पूरी न लेना युवाओं के दिमाग और सेहत पर बुरा असर डाल रहा
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
आज के समय में मोबाइल और लैपटॉप युवाओं की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं। पढ़ाई, काम और मनोरंजन के लिए स्क्रीन का इस्तेमाल आम हो गया है। हालांकि, देर रात तक मोबाइल चलाना और पर्याप्त नींद न लेना युवाओं के दिमाग और सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। इससे एकाग्रता, याददाश्त और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। कड़कड़डूमा स्थित एक निजी अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. गौरव बत्रा के अनुसार, सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल चलाना, देर रात तक जागना और सोने-जागने का समय बार-बार बदलना दिमाग को मिलने वाले जरूरी आराम में बाधा डाल सकता है।
डॉ. गौरव बत्रा ने बताया कि लंबे समय तक पर्याप्त नींद न लेने से थकान, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और याददाश्त से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसका असर पढ़ाई, काम और एकाग्रता पर भी पड़ सकता है। जिन युवाओं को पहले से माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या है, उनमें अनियमित नींद और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से लक्षण बढ़ सकते हैं।
डॉ. बत्रा के अनुसार, इन समस्याओं से बचने के लिए मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल संतुलित तरीके से करना जरूरी है। सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना चाहिए और रोजाना एक तय समय पर सोने व जागने की आदत डालनी चाहिए। इसके अलावा, स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में ब्रेक लेना और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना भी फायदेमंद है।
उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त और अच्छी नींद बेहद जरूरी है। युवाओं को अपनी दिनचर्या में सुधार कर नींद और दिमाग की सेहत का ध्यान रखना चाहिए।