पानी की ताकत का इस्तेमाल करे सरकार
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि राजधानी के लोगों को पानी के कारण दोहरी समस्या का सामना करना पड़ता है। गर्मियों में उन्हें पीने का पानी नहीं मिलता तो बारिश में उचित जलनिकासी न होने के कारण जगह-जगह पर जलभराव से लोगों को परेशानी होती है। सरकार को इस वर्षा जल का संग्रह कर लोगों की प्यास बुझाने का काम करना चाहिए। लेकिन उचित नीतियों के अभाव में यह काम नहीं कर पा रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 1200 से ज्यादा तालाब हुआ करते थे। इनमें वर्षा जल संग्रह होने से सड़कों पर बाढ़ नहीं आती थी तो राजधानी का जलस्तर भी ऊंचा बना रहता था। इससे लोगों को पर्याप्त मात्रा में ग्राउंड वाटर भी मिल जाता था। लेकिन तालाबों की जमीन को अन्य कार्यों में इस्तेमाल कर लेने से हर गली-हर सड़क पर बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
योजना है, लेकिन चाल धीमी
दिल्ली सरकार ने दिल्ली के तालाबों को पुनर्जीवित करने का मिशन शुरू किया है। इसके अंतर्गत पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के कई तालाबों के जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। सीलमपुर की एरिया में तालाबों का जीर्णोद्धार कर उन्हें पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। जरूरत को ध्यान में रखते हुए यमुना के किनारे उपलब्ध जगहों पर बड़े जल संग्रह केंद्र विकसित किए जाने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।