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AAP की पहली प्रेस कांफ्रेंस में ही हंगामा

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लोकपाल बिल में व्हिसलब्लोअर की सुरक्षा की गारंटी देने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता की आवाज बुलंद करने वाली मीडिया की एंट्री दिल्ली सचिवालय में बंद कर दी।
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शपथ के दिन से बंद चौथे स्तंभ की सचिवालय में एंट्री को लेकर सोमवार को दिनभर गहमा-गहमी चलती रही। हालात यहां तक आई की फोटो जर्नलिस्ट ने कैबिनेट का फोटो सेशन नहीं किया तो उप मुख्यमंत्री की प्रेस कांफ्रेंस भी नहीं हो सकी। मनीष सिसोदिया बीच में कांफ्रेंस छोड़कर चले गए।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल करीब 12 बजे दिल्ली सचिवालय पहुंचे लेकिन मीडियाकर्मियों का प्रवेश उससे पहले बंद था। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और फोटो जर्नलिस्ट बड़ी संख्या में कैबिनेट की पहली बैठक कवर करने पहुंचे थे लेकिन सुरक्षा गेट से आगे प्रवेश नहीं होने के कारण मीडिया रूम या सड़क फुटपाथ पर बैठे रहे। इस बीच मीडिया कर्मियों को डीआईपी कार्ड होने की दशा में लंच के लिए कैंटीन तक प्रवेश दिया गया।
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मीडियाकर्मियों ने काटा हंगामा

मीडिया कर्मियों ने गुस्से में आकर इस बीच कैबिनेट फोटो सेशन के लिए आमंत्रण मिलने पर उसके बहिष्कार का फैसला किया। सरकार पहले अपना फैसला स्पष्ट करे उसके बाद कवरेज हो।

कैबिनेट बैठक 4 बजे थी। इस बीच मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने आकर मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की। जब उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कैबिनेट फैसले की जानकारी देने मीडिया सेंटर में आए तो उनसे सवाल पूछे गए।

इसी बीच विरोध देखते हुए उप मुख्यमंत्री प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर चले गए। कोई बातचीत नहीं की। देर रात तक इस पर कोई फैसला नहीं हो सका।
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बुजुर्ग महिला को सचिवालय में नहीं मिला प्रवेश

कालका जी क्षेत्र से आईं 80 वर्षीय महिला सत्य भामा शर्मा अरविंद केजरीवाल ने मिलना चाहतीं थी लेकिन सचिवालय के अंदर प्रवेश का पास नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा काफी देर तक इंतजार करने की वजह से भूख भी लग गई थी लेकिन कैंटीन तक भी जाने नहीं दिया गया।

इसके  अलावा सचिवालय में गेट नंबर-6 पर सुरक्षा जांच, फिर पास गेट और कैंटीन के बाद रिसेप्शन पर जाने वाले गेट पर भी पुलिस तैनात थी। इतना ही नहीं हर फ्लोर के गेट पर पुलिस कर्मी आवाजाही रोक रहे थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के इर्द-गिर्द जाने से रोका जा रहा था। इस बीच मुख्यमंत्री सहायता डेस्क पर शिकायतें जरूर ली गईं।
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