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Delhi NCR News: बीच-बचाव की कीमत जान देकर चुकाई, मौत पर अस्पताल में बवाल

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बाइक-स्कूटी की टक्कर के बाद झगड़ रहे युवकों को रोकने पहुंचे ई-रिक्शा चालक अभिषेक प्रजापति पर चाकू से ताबड़तोड़ वार, इलाज के दौरान मौत
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शव लेने पूठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल पहुंची भीड़ पर स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट के प्रयास का आरोप, डॉक्टरों ने बंद की ओपीडी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। मामूली सड़क विवाद में बीच-बचाव करना 22 वर्षीय ई-रिक्शा चालक अभिषेक प्रजापति को भारी पड़ गया। बाइक और स्कूटी की टक्कर के बाद झगड़ रहे तीन युवकों को समझाने पहुंचे अभिषेक पर आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे पूठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया। परिजन के साथ आई भीड़ के स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट के प्रयास के बाद डॉक्टरों ने सोमवार को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बंद कर प्रदर्शन किया। मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर की रात रोहिणी सेक्टर-28 स्थित आयुर्वेद अस्पताल के पास बाइक और स्कूटी की टक्कर के बाद तीन युवक आपस में झगड़ रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे अभिषेक ने विवाद शांत कराने के लिए बीच-बचाव किया। आरोप है कि एक युवक ने उससे हाथापाई शुरू कर दी। दूसरे ने पीछे से उसे पकड़ लिया, जबकि तीसरे ने चाकू से उस पर कई वार कर दिए। हमले में अभिषेक की दायीं जांघ में करीब पांच इंच गहरा घाव हुआ।
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फीमोरल आर्टरी कटी, नहीं बच सकी जान
पुलिस घायल अभिषेक को लेकर महर्षि वाल्मीकि अस्पताल की कैजुअल्टी में पहुंची। डॉक्टरों के मुताबिक, जांघ की फीमोरल आर्टरी को गंभीर नुकसान पहुंचा था और काफी खून बह चुका था। हालत बेहद नाजुक होने के बावजूद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। सीपीआर देने के साथ जरूरी दवाएं दी गईं, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
डॉक्टर बोले-भागकर जान बचानी पड़ी
अभिषेक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और उनके साथ मौजूद लोग अस्पताल में जुटने लगे। डॉक्टरों का आरोप है कि भीड़ अस्पताल के अंदर घुस गई और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट का प्रयास किया। कुछ लोगों के हाथों में डंडे और पत्थर होने का भी आरोप लगाया गया। स्थिति बिगड़ने पर कई स्वास्थ्यकर्मियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। भीड़ पर शव को जबरन अस्पताल से ले जाने का प्रयास करने का भी आरोप है। राहत की बात रही कि किसी डॉक्टर को चोट नहीं आई।
सुरक्षा को लेकर डॉक्टरों का विरोध
घटना के विरोध में सोमवार को डॉक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बंद रखीं। हालांकि गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में देखा गया। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मिलने के बाद ही सेवाएं सामान्य रूप से बहाल की जाएंगी। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, घटना की न्यायिक जांच और अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की मांग की।

तीन हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित
महर्षि वाल्मीकि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज और इमरजेंसी में एक हजार से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। डॉक्टरों के प्रदर्शन के कारण सोमवार को बड़ी संख्या में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की घटनाओं पर रोक और पर्याप्त सुरक्षा के बिना अस्पताल में सुरक्षित चिकित्सा सेवा देना मुश्किल है। डॉक्टरों ने एलान किया कि मंगलवार को पर्याप्त सुरक्षा मिलने पर ओपीडी में वे सेवाएं देंगे।
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सीसीटीवी फुटेज से हत्या के मामले में पांच आरोपी दबोचे
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और शाहबाद डेयरी निवासी अनुज, हिमांशु और सचिन के अलावा जहांगीरपुरी निवासी नंदिनी तिवारी और कुंती को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि हिमांशु ने अभिषेक से हाथापाई की, अनुज ने पीछे से उसे पकड़ा और सचिन ने चाकू से हमला किया। पुलिस ने हिमांशु के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल चाकू और बाइक तथा सचिन से स्कूटी बरामद की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना में दोनों महिलाओं की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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