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Delhi :  ऊपरी यमुना नदी बोर्ड ने कहा- दिल्ली के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ने का दावा साबित करे हिमाचल

Thu, 13 Jun 2024 05:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

बोर्ड ने माना कि वह यह अनुमान लगाने की स्थिति में नहीं है कि हिमाचल प्रदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहा है या नहीं।
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Supreme Court - फोटो : ANI
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विस्तार
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ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (यूवाईआरबी) ने शीर्ष अदालत में कहा है कि हिमाचल प्रदेश को यह साबित करना चाहिए कि वह 6 जून के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दिल्ली के लिए 137 क्यूसेक अप्रयुक्त पानी छोड़ रहा है। बोर्ड ने माना कि वह यह अनुमान लगाने की स्थिति में नहीं है कि हिमाचल प्रदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहा है या नहीं।

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सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में यूवाईआरबी ने हिमाचल प्रदेश की ओर से हरियाणा को भेजे पत्र का हवाला दिया है। इसमें हिमाचल ने कहा है कि उसके हिस्से का अप्रयुक्त पानी पहले से ही हथिनीकुंड बैराज में निर्बाध रूप से बह रहा है और हरियाणा को इसे दिल्ली को छोड़ देना चाहिए। 
उपरोक्त पत्र के अनुसार, 137 क्यूसेक अप्रयुक्त पानी पहले से ही हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र से ताजेवाला (हरियाणा में) तक निर्बाध रूप से बह रहा है।

इसलिए यह बात सामने आई है कि हिमाचल प्रदेश सुप्रीम कोर्ट के दिनांक छह जून के आदेश के बाद कोई अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ रहा है, जिसे ऊपरी यमुना नदी बोर्ड द्वारा मापा जा सकता है। हलफनामे में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश के पास कोई भंडारण क्षमता नहीं है, जहां से वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ सके और इसलिए हिमाचल प्रदेश की ओर से दिल्ली के लिए छोड़े गए अतिरिक्त पानी का पता केवल दो तरीकों से लगाया जा सकता है, जिनका उल्लेख हरियाणा द्वारा भी किया गया है।
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हाईकोर्ट ने दिल्ली  और हरियाणा सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली और हरियाणा की सरकारों से राष्ट्रीय राजधानी को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं करने के लिए हरियाणा के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग संबंधी याचिका पर जवाब मांगा है। 

न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की अवकाश पीठ ने नोटिस जारी कर दिल्ली और हरियाणा हरियाणा के सिंचाई और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को तय की है।

हाईकोर्ट अधिवक्ता एसबी त्रिपाठी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हरियाणा राज्य ने दिल्ली को पानी की आपूर्ति कम कर दी है।  याचिकाकर्ता ने कहा कि हरियाणा ने मई 2023 में हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि दिल्ली को ऊपरी तटवर्ती राज्य हरियाणा से 719 क्यूसेक पानी आवंटित है, जो अपने नागरिकों के हिस्से से 321 क्यूसेक पानी डायवर्ट करके राष्ट्रीय राजधानी को 1040 क्यूसेक पानी की आपूर्ति कर रहा है। 

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