यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि बृहस्पतिवार को टीम ने सेक्टर- 4 की रीगल इम्पोरिया बिल्डर के बाउलवार्ड वॉक, एस्टेरॉयड शेल्टर्स होम प्रोमटर के गैलेक्सी डायमंड प्लाजा और गैलेक्सी ब्लू सफायर प्लाजा प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण किया। इन तीनों प्रोजेक्ट के बाहर निर्माण सामग्री पड़ी थी। उसको ढका नहीं गया था। वाहनों के आने-जाने से धूल उड़ रही थी। पानी की छिड़काव भी नहीं मिला। तीनों जगह बाउंड्रीवॉल, ग्रीनशेड और विंड स्क्रीन का प्रयोग नहीं मिला है। पांचों बिल्डरों को एनजीटी के नियमों का उल्लंघन का दोषी पाया गया है। प्रत्येक पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इनमें से महागुन और एस्टेरॉयड शेल्टर्स होम बिल्डर पर सितंबर में भी जुर्माना लगा चुका था। तब महागुन पर सेक्टर चार स्थित प्रोजेक्ट पर आरएमसी प्लांट लगे होने पर 5 लाख का जुर्माना लगाया था। जबकि एस्टेरॉयड बिल्डर के गैलेक्सी ब्लू सफायर प्लाजा प्रोजेक्ट पर भी पांच लाख का जुर्माना लगा था। उसके बाद भी बिल्डरों ने सुधार नहीं किया। वहीं महागुन मॉल प्रोजेक्ट पर करीब एक साल पहले भी 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
शिकायत मिलने पर यूपीपीसीबी की टीम ने बिल्डरों की साइट पर पहुंचकर निरीक्षण किया। वहां एनजीटी के नियमों का उल्लंघन मिला। प्रत्येक बिल्डर पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।- डॉ. अर्चना द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी, यूपीपीसीबी ।