उपहार हादसा मामले में सुप्रीम कोर्ट में थियेटर के मालिक गोपाल असंल(68) को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई है। वहीं उम्र और स्वास्थ्य के आधार पर गोपाल के बड़े भाई सुशील अंसल(वर्ष 76) द्वारा जेल में बिताए गए समय को ही सजा मान लिया गया है।
शीर्ष अदालत ने गोपाल अंसल को चार हफ्ते के भीतर समर्पण करने के लिए कहा है। गोपाल असंल को और करीब सात महीने जेल में बितना पड़ेगा क्योंकि करीब साढ़े चार महीने वह जेल में बिता चुके हैं।
मालूम हो कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं पर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाते हुए उनके द्वारा जेल में बिताए गए समय ही सजा मान लिया था। न्यायमूर्ति रंजन गोगई, न्यायमूर्ति कूरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आदर्श गोयल की पीठ ने 2.1 के बहुमत के आधार पर यह निर्णय लिया है।
गोपाल चार महीने 20 दिन जेल में बिता चुके हैं
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न्यायमूर्ति गोगई ओर न्यायमूर्ति जोसफ पूर्व आदेश में बदलाव के पक्ष में जबकि न्यायमूर्ति गोयल पूर्व आदेश से संतुष्ट थे। बहुमत के आधार पर दिए गए इस फैसले में सुशील अंसल के स्वास्थ्य और उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए अब तक जेल में बिताए गए समय को ही सजा मान लिया गया।
लेकिन गोपाल अंसल को एक वर्ष की सजा पूरी करने के लिए कहा है। गोपाल चार महीने 20 दिन जेल में बिता चुके हैं। शीर्ष अदालत ने यह फैसला सीबीआई और उपहार हादसा पीड़ित एसोसिएशन की ओर से दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर दिया है।
वर्ष 2015 में अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं पर 30-30 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा था। जमा न करने की स्थिति में दोनों को दो-दो साल कैद की सजा काटने के लिए कहा था। अंसल बंधुओं ने जुर्माने की रकम जमा करा दी है।
59 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग बुरी तरह जख्मी हो गए थे
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सुप्रीम कोर्ट केइस फैसले पर उपहार हादसा पीड़ित एसोसिएशन की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति ने नाखुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अब न्याय से उनका भरोसा उठ गया है। नीलम ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से सुधारात्मक याचिका दायर की जाएगी।
मालूम हो कि 13 जून, 1997 को ग्रीन पार्क स्थित उपहार थियेटर में लोग बॉर्डर फिल्म देख रहे थे। इस दौरान थियेटर में आग लग गई और वहां भगदड़ मच गई।
थियेटर के बालकनी में बैठे लोग बाहर निकलने में नाकामयाब रहे, जिस कारण 59 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग बुरी तरह जख्मी हो गए थे। मरने वाले में बच्चे भी थे।