उपहार अग्निकांड में दोषी सुशील अंसल पर 2013 में पासपोर्ट नवीनीकरण आवेदन में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट में दी। 13 जून, 1997 को उपहार सिनेमा हॉल में बॉर्डर फिल्म के शो के दौरान लगी आग में 59 लोगों की झुलसकर मौत हो गई थी। तीन पुलिसकर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें दो पुलिसकर्मी 2014 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
हाईकोर्ट ने उपहार हादसा पीड़ित नीलम कृष्णामूर्ति की याचिका पर दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश 17 दिसंबर, 2018 को दिया था। इस आदेश पर दिल्ली पुलिस ने 17 जनवरी, 2019 को एफआईआर दर्ज की है।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की पीठ के समक्ष दिल्ली पुलिस ने पासपोर्ट आवेदन में मुकदमे की जानकारी छिपाने पर तीन पुलिसकर्मियों को भी आरोपी बनाया है। इनमें दो पुलिसकर्मी 2014 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन पुलिसकर्मियों ने अंसल के खिलाफ मुकदमे लंबित होने के बाद भी सकारात्मक रिपोर्ट दी थी।
हाईकोर्ट ने इस केस की जांच कर चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने हलफनामा दायर कर बताया कि 2013 में अंसल को क्लीन रिपोर्ट दी गई थी, जबकि उसके खिलाफ उपहार समेत तीन आपराधिक मुकदमे लंबित थे। पुलिस ने कहा कि तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही विजिलेंस जांच भी हो चुकी है और उसकी रिपोर्ट आने वाली है। अंसल पर फिलहाल धोखाधड़ी समेत 11 मुकदमों की जांच चल रही है। इसके अलावा उसके खिलाफ 163 सामान्य शिकायतें व 21 आवेदन उस पर मुकदमा दर्ज करने के लिए अदालत में विचाराधीन है।
वहीं हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद नए सिरे से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि अंसल को कैसे वीवीआईपी स्टेटस मिल गया था, इसमें पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस पड़ताल नहीं की जाती। कोर्ट ने कहा कि इस रिपोर्ट में कई कमियां हैं इसलिए नए सिरे से रिपोर्ट दाखिल की जाए।