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शिवम के मां-बाप ने रचा षडयंत्र, महिला आयोग पहुंचा छात्रा के घर

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उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्षा अपने टीम के साथ सोमवार को मनचलों से तंग आ कर खुदकुशी करने वाली छात्रा के घर पहुंची। जांच के बाद महिला आयोग की अध्यक्षा जरीना उस्मानी ने बताया कि अगर पुलिस सजग रहती और सही वक्त पर कार्रवाई की होती तो शायद यह दु:खद घटना न होती।
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वहीं, उनका कहना है कि लड़कियों के स्कूल व कॉलेजों के पास पीसीआर वैन की तैनाती होनी चाहिए। साथ ही महिला संबंधी अपराध पर पुलिस को ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।

इस दौरान जरीना उस्मानी के साथ महिला आयोग की दो सदस्या भी मौजूद थीं। उन लोगों ने पीड़ित परिवार से करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत की। ज्ञात हो कि छिजारसी निवासी मनीता (17) गाजियाबाद के एक स्कूल में 11वीं में पढ़ रही थी। एक महीने से छिजारसी निवासी राजा, राहुल उर्फ मंत्री और शिवम् उससे कार में बैठकर छेड़खानी करते थे।
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आरोपी अभी भी फरार हैं

कुछ दिनों पहले छेड़खानी का विरोध करने पर तीनों ने उसे जबरदस्ती उठाकर ले जाने की धमकी दी थी। मनचलों से तंग आ कर शुक्रवार शाम मनीता ने पंखे से लटक कर जान दे दी।

वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी शिवम की मां वंदना और पिता को भी पुलिस ने षड्यंत्र रचने का आरोपी बनाया है। दोनों अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

नोएडा की भाजपा विधायक विमला बाथम सोमवार को मनीता के घरवालों से मिलने पहुंची। माता-पिता व भाई को सांत्वना दी। विधायक  ने कहा कि यदि रिपोर्ट के होते ही पुलिस कार्रवाई कर लेती तो एक बेटी की जान बच जाती।

मनीता के पिता ने विधायक को बताया कि मनीता को लड़कों की ओर धमकियां मिल रही थीं जिसके कारण वह बहुत डरी हुई थी। उधर, रिपोर्ट कराने के बावजूद पुलिस ने कोई कदम बच्ची के बयान देने के बाद भी नहीं उठाया। मनीता अपने मां-बाप की इकलौती बेटी थी। अब परिवार में एक भाई है।
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