बोर्ड मीटिंग में तीन बजे गोली चलने की आवाज आने से कंपनी में अफरातफरी मच गई। दरवाजा खोलकर लहुलुहान राकेश बाहर की तरफ दौड़ा। प्रदीप व नरेश के शव लहुलुहान जमीन पर पड़े थे। कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर बादलपुर समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी को नजदीक के अस्पताल पहुंचाया। तब तक डायरेक्टर प्रदीप अग्रवाल और नरेश गुप्ता की मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने घायल राकेश कुमार जैन को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलने पर पांच बजे पुलिस आयुक्त आलोक सिंह व सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद कंपनी के आसपास सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं।
पुलिस का बयान
डीसीपी नोएडा सेंट्रल हरीश चंदर ने बताया कि बादलपुर क्षेत्र में यूपी टेलीलिंक्स लिमिटेड केबिल बनाने वाली कंपनी है। कंपनी के तीनों पार्टनर के बीच हुए। प्राथमिक जांच में पता चला है कि झगड़े में प्रदीप ने अपने दो पार्टनर नरेश और राकेश को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। गोली चलने से नरेश व प्रदीप की मौत हो गई। कुल चार गोली चलने की बात सामने आई है। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की है और बैलेस्टिक जांच (गोलयिं की जांच) टीम की तरफ से भी यही तथ्य सामने आया है।
वहीं घायल राकेश जैन को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती राजेश जैन ने पुलिस को बयान दिया है कि मीटिंग में प्रदीप अग्रवाल ने गोली मार खुद को भी गोली मार ली। प्रदीप अग्रवाल अपना लाइसेंसी हथियार लेकर आया था। कमरे में तीन लोगों के अलावा कोई और नहीं था।