यूपी रेरा की सदस्य कल्पना मिश्रा की पीठ ने शिप्रा एस्टेट बिल्डर को आदेश दिया है कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा को उनके फ्लैट पर 60 दिन के अंदर कब्जा दें। कब्जा ओसी या सीसी हासिल कर रजिस्ट्री के साथ देना होगा। साथ ही बिल्डर को जमा धनराशि पर पूर्व कप्तान को ब्याज देना होगा। इसके अलावा मांग पत्र को भी संशोधित कर जारी करना होगा।
मालूम हो कि साल 2006 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने गाजियाबाद के शिप्रा सृष्टि प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदा था। वह बिल्डर को 33.24 लाख रुपये का भुगतान कर चुकीं हैं। बिल्डर ने सितंबर, 2008 में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया है।
बिल्डर ने रेरा की वेबसाइट पर दिसंबर, 2019 तक कब्जा देने का नया समय दिया। 11 साल बाद भी कब्जा नहीं मिलने पर चोपड़ा ने यूपी रेरा में शिकायत की, जिस पर पीठ एक सुनवाई कर रही थी। अंजुम चोपड़ा के अधिवक्ता योगेश गोयल ने मजबूती के साथ साक्ष्य रखे, वहीं बिल्डर ने भी अपना पक्ष रखा। दोनों पक्ष सुनने के बाद पीठ एक ने फैसला सुनाया है।
पीठ तीन की सदस्य कल्पना मिश्रा ने आदेश दिया है कि बिल्डर शिप्रा एस्टेट को आदेश अपलोड होने के 60 दिन के अंदर खरीदार अंजुम चोपड़ा को कब्जा देना होगा। ओसी या सीसी प्राप्त कर रजिस्ट्री करानी होगी। साथ ही बिल्डर को 12 अक्टूबर, 2008 से रेरा लागू होने तक पूर्व अनुबंध और रेरा लागू होने के बाद से ओसी/सीसी के साथ कब्जा ऑफर देने की अवधि के दौरान जमा धनराशि पर तय ब्याज देना होगा।
भुगतान की बकाया धनराशि में ब्याज की धनराशि समायोजित की जाएगी। ब्याज की धनराशि अधिक है तो अंजुम चोपड़ा को वह वापस मिलेगी। बिल्डर ने चोपड़ा से जिस दर से ब्याज लिया है। उसी दर से ब्याज का भुगतान खरीदार को करेगा। इस संबंध में भी पीठ ने आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान बिल्डर ने चोपड़ा पर करीब 70 लाख रुपये का बकाया भुगतान होने का दावा किया था। पीठ ने बकाया भुगतान के मांग पत्र को संशोधित कर जारी करने का आदेश बिल्डर को दिया है।