गांव उपरालसी में बहन से मिलने आई महिला ने मोदीनगर से लौटते समय जारचा पुलिस के दरोगा और चार सिपाहियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। महिला ने घटना की शिकायत 100 नंबर पर करने के बाद दादरी सीओ से भी की। महिला की शिकायत पर सीओ दादरी ने एसएसपी को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
पुलिस के मुताबिक मेरठ के थाना कंकरखेडा निवासी गायत्री देवी अपने भाई अंकुर के साथ उपरालसी गांव आई थी। मंगलवार रात उनके फोन पर मोदी नगर में रहने वाली दूसरी बहन का फोन आया कि उसके जीजा की तबियत खराब है।
मेरठ अस्पताल में भर्ती कराना पड़ेगा। वह कार से भाई अंकुर व उपरालसी वाले जीजा बबली के साथ रात 12 बजे मोदी नगर जाने के लिए निकले। जारचा कस्बे में पहुंचे। इसी बीच पीछे से जारचा पुलिस की पीसीआर ने कार को ओवरटेक कर रोक लिया।
शराब के नशे में था दरोगा
कार से उतार कर सभी की तलाशी ली। कागजात देखे। सभी कागजात सही पाए गए। गायत्री देवी का आरोप है कि सारी कार्यवाही करने के बाद सादी वर्दी में अपने को दरोगा बता रहे व्यक्ति जो शराब के नशे में था।
उसने गायत्री के साथ अभद्रता करने लगा, जिसका विरोध करने पर साथी सिपाहियों ने मारपीट की गई। जबरदस्ती कार में बैठा कर थाने ले जाने लगे। इसी बीच शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग जाग कर मौके की तरफ दौड़े।
ग्रामीणों को अपनी तरफ आता देख कर पांचों पुलिस वाले मौके से फरार हो गए। भागते समय दरोगा का मोबाइल गायत्री की कार में ही छूट गया। घटना की शिकायत 100 नंबर पर करने के बाद जारचा कोतवाली पहुंचे।
पीसीआर में सवार थे चार सिपाही
यूपी पुलिस
राथ में वहां पर कोई नहीं मिला। सुबह आने को कहाकर वापस उपरालसी गांव लौट आए। बुधवार सुबह घटना की शिकायत दादरी सीओ से कर दरोगा का मोबाइल सीओ दादरी को सौपा।
सीओ दादरी पीयूष कुमार ने बताया कि जारचा कोतवाली में तैनात हैड मोहर्रिर ओमप्रकाश की ड्यूटी मंगलवार रात पीसीआर पर चार सिपाहियों के साथ थी, जिनकी सूचना मिली कि रात में जारचा कस्बे में आ रही कार संदिग्ध है, जिसका पीछा कर रूकवा कर चेंकिग की गई थी। महिला की शिकायत के आधार पर हेड मोहर्रिर के खिलाफ रिपोर्ट बना कर एसएसपी गौतमबुद्ध नगर कार्यालय को भेज दी गई है।