लॉकडाउन के दौरान देश के अन्य हिस्सों से उत्तर प्रदेश लौटने वाले मजदूरों को प्रदेश में ही रोजगार दिलाने के लिए योगी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। अब सरकार की योजना है कि घर लौटे मजदूरों को नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
इसके लिए पूरे प्रदेश में सर्वे की तैयारी की जा रही है। सरकार पहले ही मजदूरों की स्किल मैपिंग कर उनकी सूची तैयार करना शुरू कर चुकी है। अब प्रदेश में किस प्रतिभा की कितनी मांग है और किसके लिए कहां कितनी संभावना है, इसका डेटा बैंक भी तैयार किया जा रहा है।
इसे लेकर यूपी सरकार के प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने बुधवार को नोएडा के उद्यमियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी। इसमें नोएडा के अलावा मेरठ, लखनऊ और वाराणसी के भी कुछ उद्यमी और औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे।
इस दौरान आईआईए के अध्यक्ष कुलमणि गुप्ता ने कहा कि इन दिनों सरकार गांव-गांव में स्किल मैपिंग का काम कर रही है। अब आईआईए के सभी 80 चैप्टर द्वारा भी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है कि उनके पास किस तरह के कामगारों और विशेषज्ञों की आवश्यकता है। अगले छह महीने में वह कितने लोगों को अपने यहां पर रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।