नोएडा। जिले के गंभीर मरीजों को लखनऊ पीजीआई, दिल्ली एम्स या फिर चंडीगढ़ पीजीआई किसी भी अस्पताल में भर्ती कराने का काम 102 नंबर एंबुलेंस करेगी।
यह नई पहल प्रदेश सरकार की ओर से की जा रही है। इसके अलावा इस नंबर की सेवा का नाम प्रदेश स्वास्थ्य सेवा से बदलकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा किया जा रहा है। स्वास्थ्य मुख्यालय ने इस प्रस्ताव को तैयार किया है, जिसे जुलाई तक शुरू किया जाएगा।
दरअसल, सड़क दुर्घटना में घायल या गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 102 नंबर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई थी।
यह भी पढ़ें: मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम अब ऑनलाइन भी
इसका कंट्रोल रूम लखनऊ में बनाया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों में ब्लॉकों के हिसाब से इन्हें तैनात किया गया, जिनका दायरा सीमित था।
अब इस दायरे को बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है। मसलन यदि किसी मरीज को नोएडा के सरकारी अस्पताल से लखनऊ या दिल्ली के किसी अस्पताल में रेफर किया जाता है, तो मरीज 102 नंबर एंबुलेंस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
इसके लिए बतौर दिल्ली और लखनऊ दोनों स्थानों से एंबुलेंस को नियंत्रित किया जाएगा। इसके लिए एंबुलेंस की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा।
वहीं, जनपद की स्थिति को देखें तो यहां चार ब्लॉक बिसरख, दनकौर, जेवर, दादरी के सीएचसी व जिला अस्पताल में 102 नंबर एंबुलेंस तैनात हैं।
जुलाई तक शुरू हो सकती है योजना
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके गर्ग ने बताया कि जुलाई तक यह योजना शुरू हो सकती है। इसकी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। नाम बदलने के साथ एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, जिससे मरीजों को दिक्कत न हो।