दिल्ली में यूपीएससी के छात्र रामकेश मीणा हत्याकांड को अंजाम देने वाली मुख्य आरोपी अमृता मूलरूप से पीतल नगरी, मुरादाबाद ही रहने वाली है। उसने दिल्ली के एक कॉलेज से बीएससी फॉरेंसिक साइंस किया है। अभी उसने बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया हुआ है।
दिल्ली के तिमारपुर के गांधी विहार इलाके में यूपीएससी के छात्र रामकेश मीणा हत्याकांड को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। सबुत मिटाने के लिए हत्यारोपी अमृता चौहान ने अपनी फोरेंसिक साइंस की पढ़ाई के सारे तिगड़म शव ठिकाने लगाने में लगाए। हत्या से पहले अमृता ने सुमित के साथ मिलकर कई क्राइम वेब सीरीज देखीं ताकि फंसने की कोई गुंजाइश न रहें। लेकिन उनकी हर तिकड़म की मुखबिरी उनकी मोबाइल फोन की लोकेशन ने कर दी।
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रामकेश की हत्या के बाद करीब 6:30 घंटे तक अमृता और सुमित शव ठिकाने लगाने में जुटे रहे। आरोपियों ने पीटने के बाद रामकेश की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। बाद में शव को बेड पर लिटा दिया। रसोई से घी-रिफाइंड लाकर शव पर डाला।
इसके बाद फ्लैट में रखी मोटी-मोटी किताबों से शव की चिता सजाई गई। कमरे में रखी शराब की पूरी बोतल किताबों पर डाल दी गई। अमृता का पूर्व प्रेमी सुमित मुरादाबाद में गैस वितरक है। उसे अच्छी तरह पता था कि सिलिंडर में आग लगाकर कैसे उसमें धमाका किया जाता है।
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आरोपी ने रसोई से सिलिंडर बाहर निकाला। बाद में उसका पाइप हटाकर सिलिंडर को रामकेश के सिर के पास रख दिया। बेहद धीमी गति से सिलिंडर में लगे रेग्यूलेटर को खोल दिया गया। पूरी तैयारी के बाद अमृता और सुमित कश्यप फ्लैट के मेन गेट पर पहुंचे। यह लोहे का जाली वाला दरवाजा था।
हादसा असली लगे इसलिए कुंडी के पास लगी लोहे की जाली को बाहर से हटाकर अंदर से कुंडी बंद कर दी गई। बाद में जाली को वापस अपनी जगह पर कर दिया गया। कुछ देर बाहर खड़े रहने के बाद सुमित ने लाइटर से कमरे के भीतर आग लगा दी। बाद में दोनों ने अपने चेहरे ढके और रात करीब 2:57 बजे फ्लैट से निकल गए।
इनके जाने के बाद रामकेश का फ्लैट धू-धू कर जलने लगा और कुछ ही देर बाद एलपीजी सिलिंडर में ब्लास्ट हो गया। इससे रामकेश के शव के टुकड़े-टुकड़े हो गए। पुलिस और दमकल की गाड़ियां वहां पहुंची।
आग पर काबू पाया गया तो अंदर रामकेश के शव के अवशेष मिले। पुलिस को शुरुआती जांच में लगा कि शायद कमरे में खुद आग लगने से हादसा हुआ। क्राइम टीम और एफएसएल को मौके पर बुलाया गया और छानबीन हुई।
रामकेश ने नामी कॉलेज से किया था बीटेक
रामकेश मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला था। परिवार में माता-पिता व भाई हैं। रामकेश ने द्वारका के एक नामी कॉलेज से बीटेक किया था। वह तिमारपुर के गांधी विहार में चौथी मंजिल पर फ्लैट लेकर किराये पर रह रहा था। मुख्य आरोपी अमृता मूलरूप से पीतल नगरी, मुरादाबाद ही रहने वाली है।
उसने दिल्ली के एक कॉलेज से बीएससी फॉरेंसिक साइंस किया है। अभी उसने बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया हुआ है। वहीं सुमित अमृता का पूर्व प्रेमी है। वह मुरादाबाद के वाल्मीकि बस्ती, बंगला गांव, नागफनी मुरादाबाद का रहने वाला है। यह मुरादाबाद में एलपीजी गैस वितरक है। वहीं संदीप सुमित का गहरा दोस्त है। वह भी वाल्मीकि बस्ती, बंगला गांव, नागफनी मुरादाबाद का रहने वाला है।