नई दिल्ली। उन्नाव दुष्कर्म केस की पीड़िता ने दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील में अतिरिक्त सामग्री और सबूत पेश करने की अर्जी दाखिल की है। पीड़िता ने अपनी याचिका में अदालत से अनुरोध किया कि वह हाल की प्रासंगिक घटनाओं, दस्तावेजों और खुद तथा परिवार को मिल रहे खतरे के तथ्यों को रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति दें।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुलदीप सिंह सेंगर ने जांच को प्रभावित किया और मुकदमे के दौरान उनकी उम्र के बारे में जाली तथा झूठे दस्तावेज पेश किए गए, जिन पर अब अपील में भी भरोसा किया जा रहा है। उन्होंने अदालत से उन्नाव स्थित अपनी स्कूल के दो अधिकारियों के बयान अतिरिक्त रूप से दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है, ताकि उनकी जन्मतिथि प्रमाणित हो सके। यह अर्जी ऐसे समय दाखिल की गई है, जब कुलदीप सिंह सेंगर की अपील (2020 में दायर) दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने उनकी आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर जमानत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को इस आदेश पर रोक लगा दी थी। पीड़िता ने हाल की घटनाओं में खुद और परिवार को खतरे का हवाला देते हुए नए सबूत पेश करने पर जोर दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन ने इस अर्जी पर सुनवाई की और इसे 25 फरवरी के लिए सूचीबद्ध किया। कोर्ट ने सीबीआई और सेंगर से याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। पीड़िता को निर्देश दिया गया है कि वह 31 जनवरी तक संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखें।