राष्ट्रीय राजधानी में अनोखी जनरल गश्त(रात के समय में सभी पुलिस अधिकारियों को इलाके में उतरना) होने जा रही है। दिल्ली पुलिस में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सब-इंस्पेक्टर(एसआई) से लेकर विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सीपी) गश्त के दौरान सड़कों पर उतरेंगे। बीती रात गश्त की जांच के लिए पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा पहुंचे।
निरीक्षक
पुलिस स्टेशन स्तर का पर्यवेक्षण और समन्वय।
रात्रि गश्त में तैनात सभी पुलिसकर्मियों की ब्रीफिंग।
संवेदनशील प्रतिष्ठानों (बैंकों, एटीएम, धार्मिक स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों) और उप-मंडल के कुछ पिकेटों की जांच। फीड-बैक रजिस्टर में सीमावर्ती पिकेटों का दौरा।
सब-डिवीजन में प्राप्त सभी महत्वपूर्ण पीसीआर कॉल पर त्वरित कार्रवाई।
सब-डिवीजन के किसी भी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में सामूहिक जांच का भौतिक रूप से पर्यवेक्षण करना।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी)
पुलिस उपायुक्त(डीसीपी)
संयुक्त पुलिस आयुक्त
विशेष पुलिस आयुक्त
इस तरह की गश्त पहली बार हो रही है-
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गश्त राष्ट्रीय राजधानी में पहली बार हो रही है। इससे पहले जनरल गश्त होती थी और ज्यादातर जिला प्रमुखों समेत कुछ ही अधिकारी समेत पुलिस आयुक्त गश्त पर उतरते थे। अब जनरल गश्त के दौरान सभी को इलाकों में उतरना है। ये भी पहली बार हो रही है कि जनरल गश्त के दौरान ये बताया गया है कि उनके कर्तव्य, भूमिका व ड्यूटी क्या-क्या हैं।
आपराधिक वारदातों को रोकने, संगठित अपराध पर काबू करने, मादक पदार्थों की ब्रिकी को रोकना और बदमाशों को काबू करने के लिए जनरल गश्त करने का कदम उठाया गया है। जनरल गश्त होने से सारे पुलिस अधिकारी एक साथ इलाकों में उतरेंगे।