कोरोना बचाव के लॉकडाउन में शिक्षा और मिड-डे मील समेत अन्य योजनाओं व दिक्कतों के समाधान को लेकर मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्री और देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों व सभी विश्विद्यालयों के कुलपतियों के बीच बैठक होगी।
लॉकडाउन के बाद पहली बार आयोजित होने वाली इस बैठक में राज्यों के शिक्षा मंत्री अपनी दिक्कतों और योजनाओं पर केंद्र सरकार को सुझाव देंगे। खास बात यह है कि बैठक में मंत्रालय सभी राज्यों से मिड-डे मील की रिपोर्ट लेगा। इसमें राज्यों को बताना होगा कि लॉकडाउन के दौरान छात्रों को किस प्रकार मिड-डे मील का खाना पहुंचाया जा रहा है।
केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय और राज्यों की बैठक में ऑनलाइन क्लासेज से पढ़ाई, एनसीईआरटी द्वारा नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क पर आधारित तैयार तीन वैकल्पिक अकेडमिक कैलेंडर से पढ़ाई, जेईई मेन, नीट, बोर्ड परीक्षा, गर्मियों की छुट्टियों को लॉकडाउन अवधि में मर्ज करने, कोरोना हालात आदि के आधार पर वार्षिक परीक्षा आयोजित करवाने को लेकर यूजीसी व एनसीईआरटी गाइडलाइन पर चर्चा होगी।
इसके अलावा शैक्षणिक सत्र 2020 देरी से शुरू होने पर किस प्रकार पाठ्यक्रम व परीक्षाएं आयोजित करने पर बात की जाएगी। इसमें सहमति बनेगी कि शिक्षा का अकेडमिक कैलेंडर सांझा बनाया जाए, ताकि अगले सत्र में जरूरी त्योहार पर ही छुट्टी हो। बहुत जरूरी न हो तो छुट्टियों को समाप्त किया जाए। सरकार का पूरा फोकस छात्रों को वायरस से बचाना है। इसलिए जब तक देश के हालात ठीक नहीं हो जाते शिक्षण संस्थान बंद करने की मांग रहेगी। इस दौरान यूजीसी की दोनों कमेटी की रिपोर्ट को भी साझा किया जायेगा।
-राज्य कैंपस प्लेसमेंट पर रखें ध्यान:
मंत्रालय राज्य सरकारों से उच्च शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में कैंपस प्लेसमेंट पर भी बात करेगा। क्योंकि लॉकडाउन के चलते कैंपस प्लेसमेंट भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में राज्यों से बात होगी कि वे नौकरियों का भी ध्यान रखें, ताकि युवा हताश न हों। स्कूल व कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर टॉस्क फोर्स बनाकर छात्रों, शिक्षकों व कर्मियों की जानकारियां जुटाते रहें।