दिल्ली के लुटियंज जोन में नरेंद्र मोदी सरकार एक भव्य सचिवालय बनाने जा रही है। सचिवालय की इस नई इमारत को लगभग 10 एकड़ में बनाया जाएगा। इसमें लगभग 22 लाख वर्ग फुट में कार्यालय बनाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार इसे कुछ खास उद्देश्य से बना रही है।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक नई इमारत लोधी रोड स्थित स्कोप कॉम्प्लेक्स से भी बड़ी होगी। लोधी रोड स्थित स्कोप कॉम्प्लेक्स फिलहाल 24 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के दफ्तर हैं, जिसमें 9000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। यानि नई इमारत में 18000 से अधिक कर्मचारी एक साथ काम कर पाएंगे।
केंद्र सरकार के इस खास प्रोजेक्ट से जुड़े एक खास सूत्र ने बताया कि इमारत का निर्माण बहुत जल्द शुरू होने वाला है। पूरे मुद्दे पर अगले सप्ताह ही एक उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई गई है। यही नहीं, नई इमारत में अभी से बुकिंग भी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक करीब-करीब हर मंत्रालय और विभाग ने अपने लिए जगह की मांग की है।
नई इमारत के लिए लुटियंस जोन ही क्यों?
सचिवालय के लिए इस बार भी लुटियंस जोन ही चुना गया है। असल में यह इलाका राजधानी के बीचोबीच है, यहां लोगों की पहुंच आसान है। जानकारी के अनुसार इस पर फैसला लेने से पहले कई जगहों के बारे में विचार किया गया था, पर लुटियंस जोन पर ही आकर सबकी सहमति बनी।
असल में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास घिटोरनी, दक्षिण दिल्ली जैसे इलाकों में काफी जमीन है, जहां नया सचिवालय बनाया जा सकता है, लेकिन इस विकल्प पर अंतिम सहमति नहीं बनी। इसका प्रमुख कारण मंत्रालय और विभाग हैं। उनके लुटियंस से मोह के चलते यह फैसला लिया गया है।
इसके अलावा अन्य जिन जगहों पर विचार किया जा रहा था, उनमें अधिकतर शहरी विकास मंत्रालय ने राज्य सरकारों की संपत्ति (जम्मू-कश्मीर हाउस और बीकानेर हाउस) केंद्रीय दफ्तरों को आवंटित कर रखी है। ऐसी स्थित में मंत्रालय और विभाग निजी भवन किराए पर लेते हैं।
अखबार के मुताबिक इमारत के डिजाइन पर भी कुछ ही महीनों में काम शुरू होने वाल है। प्रस्ताव में लुटियंस के दो अहम सरकारी बंगलों के अधिग्रहण की भी बात है।