केजरीवाल सरकार को उम्मीद है कि आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट में दिल्ली सरकार के हिस्से में इजाफा हो सकता है। वहीं, नगर निगमों को केंद्र सरकार अनुदान भी दे सकती है। पिछले हफ्ते केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बजट में दिल्ली का आवंटन बढ़ाने की अपील की थी।
दिल्ली सरकार का मानना है कि केंद्र को दिल्ली से करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये का आयकर मिलता है। जबकि 2003 से अब तक दिल्ली को सिर्फ 325 करोड़ रुपये मिलता आया है। बीते करीब 16 सालों से यह रकम बढ़ाई नहीं गई है। दिल्ली सरकार की मांग रही है कि दूसरे राज्यों की तरह दिल्ली को भी केंद्रीय करों में से हिस्सा मिले। सरकार इसे दिल्ली में होने वाले केंद्रीय निवेश के तौर पर देखती है। इससे आय बढ़ने की भी उम्मीद सरकार को है।
इसके साथ ही दिल्ली सरकार नगर निगमों को भी केंद्रीय अनुदान देने की बात करती रही है। दूसरे राज्यों की तरह दिल्ली के नगर निगमों को केंद्र से अनुदान नहीं मिलता है। दिल्ली सरकार की दलील रही है कि दिल्ली के साथ इस पैमाने पर केंद्र को भेदभाव नहीं करना चाहिए। खासतौर से इसलिए भी कि केंद्र व नगर निगम में भाजपा की ही सरकार है। इसके अलावा दिल्ली का 3,000 करोड़ रुपये आईजीएसटी भी आवंटित होने की उम्मीद है।