रोहिणी जेल में सोमवार सुबह परिवार वालों से मुलाकात कर बैरक में लौट रहे विचाराधीन कैदी 31 वर्षीय प्रदीप उर्फ महेंद्र पर दो कैदियों ने धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घायल होने के बाद उसे जेल के अस्पताल में ले जाया गया। जहां से उसे अंबेडकर अस्पताल में रेफर कर दिया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जेल में वर्चस्व को लेकर मृतक का सात दिन पहले हमला करने वाले एक कैदी से झगड़ा हुआ था। जिसका बदला लेने के लिए आरोपियों ने उसपर हमला किया है।
परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी सक्सेना ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे समयपुर बादली थाना पुलिस को सेंट्रल जेल नंबर 10 रोहिणी में एक विचाराधीन कैदी पर धारदार हथियार से हमला करने के बाद उसे अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी मिली। अंबेडकर अस्पताल पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि कैदी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतक प्रदीप के गले समेत शरीर के अन्य जगहों पर धारदार हथियार के घाव थे।
जांच में पता चला कि कैदी प्रदीप उर्फ मोहिंदर 2024 में लूटपाट और आर्म्स एक्ट के मामले में जेल नंबर 10, रोहिणी की बैरक नंबर 203 में न्यायिक हिरासत में बंद था। उस पर हत्या समेत 14 आपराधिक मामले दर्ज थे। मूलत: राजस्थान का रहने वाला प्रदीप अपने परिवार के साथ नारायणा इलाके में रहता था। जांच के दौरान पता चला कि प्रदीप सोमवार सुबह मुलाकात करने के बाद अपनी बैरक में लौट रहा था, तभी उसी जेल में बंद मुकेश और भोला नाम के दो कैदियों ने उसपर धारदार हथियार से हमला कर दिया। उसकी गर्दन पर चोटें आईं। जांच में पता चला कि प्रदीप का एक आरोपी से सात दिन पहले जेल में वर्चस्व को लेकर झगड़ा हुआ था। जिसका बदला लेने के लिए दोनों आरोपियों ने उसपर हमला किया।
प्रदीप ने कहा था कि उसकी हत्या हो सकती है : बहन निशा
प्रदीप की बहन निशा ने बताया कि 3 अक्तूबर को उसकी जमानत पर सुनवाई होनी थी। उसे जमानत मिल जाती, लेकिन जेल अधिकारियों की मिलीभगत से रची गई साजिश के तहत जेल के अंदर ही उसकी हत्या कर दी गई। उसने बताया कि प्रदीप ने जेल में उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। अधिकारियों की मिलीभगत से उसकी हत्या कर दी गई। प्रदीप की बहन निशा ने कहा कि वह उस जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखना चाहती हैं जहां उनके भाई को चाकू मारा गया था, क्योंकि हत्या के करीब आधे घंटे के बाद जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया है। जिससे ज्यादा खून निकलने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हत्या के कुछ देर पहले ही भाई से मिला था प्रदीप
उसके परिचित राजेंद्र ने बताया कि प्रदीप सोमवार को अपने छोटे भाई से मिला था। उसने भाई से परिवार वालों के बारे में पूछताछ की। साथ ही अपनी जमानत को लेकर उससे बातचीत की। उस दौरान उसने अपने उपर होने वाले हमले का अहसास नहीं था। जेल प्रशासन आरोपियों को भी एम्बुलेंस से ले जा रहा था। प्रदीप की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन ऐसी जानकारी मिली थी कि जेल के अंदर उसकी हत्या की जा सकती है।