प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला समेत छह अभियुक्तों पर सीबीआई की विशेष अदालत में मुकदमा चलेगा। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत में सोमवार को सभी अभियुक्तों पर एनआरएचएम घोटाले के तहत आरोप तय किए हैं। अदालत ने केस की पहली गवाही के लिए 22 अगस्त की तारीख तय की है।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि वर्ष 2009-10 में एनआरएचएम के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 133 अस्पतालों में मरीजों व तीमारदारों के लिए आरओ सिस्टम लगाए जाने के टेंडर छोड़ा था। आरओ सिस्टम की खरीद फरोख्त में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की सूचना सीबीआई को मिली। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और जांच में पाया कि आरओ सिस्टम लगाए जाने के नाम पर सरकार को छह करोड़ तीन लाख रुपये की हानि हुई है।
इसके बाद सीबीआई ने पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, पूर्व प्रमुख सचिव एवं सीनियर आईएएस अफसर प्रदीप शुक्ला, कारोबारी शिवशंकर सिंह, प्रदीप कुमार टंडन, राकेश टंडन और अनूप टंडन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जांच के बाद सीबीआई ने भ्रष्टाचार अधिनियम, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट पेश की, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया। इसके बाद अदालत में आरोपियों की ओर से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने सोमवार को डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए।