कोतवाली लोनी की खन्ना नगर कॉलोनी में रविवार दोपहर एक निर्माणाधीन मकान का लेंटर भरभराकर गिर गया। हादसे में सटरिंग ठेकेदार समेत चार मजदूर मलबे में दब गए। तीन मजदूरों को लोगों ने बाहर निकाला जबकि एक मजदूर करीब साढ़े तीन घंटे तक दबा रहा। सूचना पर एनडीआरएफ की टीम पहुंची और आधे घंटे के सर्च आपरेशन के बाद दबे हुए मजदूर को बाहर निकला। अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस शिकायत के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कर रही है।
दिल्ली-सहारनपुर रोड स्थित खन्ना नगर कॉलोनी के पास ओम प्रकाश के मकान का करीब एक महीने से निर्माण कार्य चल रहा है। ओम प्रकाश ने जवाहर गार्डन निवासी अफरोज को सटरिंग डालने का ठेका दिया था। रविवार को ठेकेदार अपने दो और भाइयों समेत 40 मजदूरों के साथ मकान का लिंटर डालने पहुंचे। छत की ऊंचाई ज्यादा होने पर डबल सटरिंग लगाई गई थी। 200 वर्ग गज के मकान पर सुबह 10 बजे लिंटर डालने का काम शुरू हुआ।
करीब एक बजे ठेकेदार अफरोज अपने दो भाई सरफराज, फिरोज और एक मजदूर आमिर को लेकर नीचे आए। जबकि ऊपर लिंटर डालने का काम चल रहा था। तभी लिंटर के लिए बांधी गई सटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। सटरिंग गिरते ही अफरातफरी मच गई। ऊपर काम कर रहे मजदूर पड़ोसी के मकान से उतर गए। हादसे में चार लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान ठेकेदार का भाई सरफराज मलबे में दबा रहा।
मौके पर लोनी नगरपालिका की टीम जेसीबी लेकर पहुंची और सटरिंग को हटाकर मजदूर की तलाश शुरू की। इस दौरान सरफराज का पता नहीं चला। पुलिस ने एनडीआरएफ को मौके पर बुलवाया। टीम ने डॉग स्क्वॉयड की मदद से सरफराज को बाहर निकाला। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीओ लोनी राजकुमार पांडेय ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी है। मामले में मकान के नक्शे को लेकर जीडीए से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं, एसडीएम आदित्य प्रजापति ने बताया कि जीडीए के अधिकारियों को बुलाया गया है। जांच कराई जा रही है कि निर्माणाधीन मकान का नक्शा पास है या नहीं। अगर नक्शा पास नहीं होगा तो मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।