हाइपरग्लाइसीमिया से फिटल मैक्रोसोमिया व डिलीवरी में जटिलताओं का खतरा
अस्पताल पहुंच रहीं 20 प्रतिशत महिलाओं में में डायबिटीज की समस्या
समय पर स्क्रीनिंग, नियमित एंटेनटल चेकअप और ब्लड शुगर की निगरानी बेहद जरूरी
ज्योति कार्की
नोएडा। गर्भावस्था के दौरान बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल यानी हाइपरग्लाइसीमिया मां और नवजात दोनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। समय पर जांच और उपचार नहीं होने पर इसके परिणाम जोखिम भरे हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में फिटल मैक्रोसोमिया (शिशु का अत्यधिक वजन), डिलीवरी के दौरान जटिलताएं, सी-सेक्शन की आशंका, नवजात में हाइपोग्लाइसीमिया और जन्म दोष जैसे कार्डियक और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का खतरा बढ़ जाता है। जिला अस्पताल के डॉ. अजय राणा ने बताया कि यहां पहुंच रहीं महिलाओं में से 20 प्रतिशत में डायबिटीज देखने को मिलती है।
जिला अस्पताल की डॉ. अर्चना यादव ने कहा कि गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। कई बार महिलाएं पर्याप्त भोजन नहीं ले पातीं हैं, जिससे शुगर लेवल गिर जाता है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार संतुलित आहार लेना चाहिए। समय पर दवाएं और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करना जरूरी है। गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक ने बताया कि ऐसे मामलों में समय पर स्क्रीनिंग, नियमित एंटेनटल चेकअप और ब्लड शुगर की निगरानी बेहद जरूरी है।
पहला केस
पहला मामला 28 वर्षीय गर्भवती का है, जिसे एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। शुगर की मरीज के गर्भकालीन इतिहास से पता चला कि उसे अनियंत्रित हाइपरग्लाइसीमिया की समस्या है, लेकिन उसने नियमित फॉलो-अप और उपचार नहीं कराया। महिला का प्रसव तो सामान्य हुआ, लेकिन नवजात का वजन लगभग चार किलोग्राम पाया गया, जो फिटल मैक्रोसोमिया का संकेत होता है।डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे बच्चों में आगे चलकर मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा अधिक रहता है। नवजात को एहतियातन एनआईसीयू में रखा गया और ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग जारी है।
दूसरा मामला
दूसरा मामला 26 वर्षीय गर्भवती का है, जो चक्कर, कमजोरी और अत्यधिक पसीना की शिकायत लेकर सीएचसी पहुंची। जांच में पता चला कि वह गर्भावस्था की पहली तिमाही में है और उसे हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या है।
डॉक्टरों के अनुसार, गर्भावस्था के शुरुआती चरण में यह स्थिति आमतौर पर उन महिलाओं में देखी जाती है, जिन्हें पहले से डायबिटीज है या जो इंसुलिन और दवाएं ले रहीं हैं।