मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा में 6 जनवरी को एक निजी कंपनी में रीजनल मैनेजर के पद पर काम करने वाले गौरव चंदेल की हत्या कर उनकी कार लूट ली थी। गौरव चंदेल के हत्यारे गत 14 जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे गौरव की सेल्टोस कार को मसूरी क्षेत्र के आकाश नगर में छोड़कर फरार हो गए थे।
पुलिस पड़ताल में जुटी ही थी कि पता चला कि सेल्टोस कार खड़ी करने से पहले बदमाशों ने कविनगर थानाक्षेत्र से चिराग अग्रवाल की टियागो कार लूटी थी। उक्त कार को भी बदमाश 14 जनवरी को ही रात करीब 1.25 बजे मसूरी थानाक्षेत्र के मिसलगढ़ी में छोड़कर फरार हो गए थे।
बदमाश आए और दोनों कारों को एक किलोमीटर की दूरी में खड़ी करके फरार हो गए थे और नोएडा पुलिस, गाजियाबाद पुलिस व एसटीएफ को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि नोएडा में घटनास्थल, कविनगर क्षेत्र में कार लूट का क्षेत्र, आकाश नगर और मिसलगढ़ी में मोबाइल डंप उठाकर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तलाश की जा रही थी।
बता दें कि दोनों ही कारों को बदमाश तीन घंटे के अंतराल में खड़ी करके फरार हो गए थे। बड़ा सवाल यह है कि दो जिलों में वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों ने दोनों कार खड़ी करने के लिए आखिर गाजियाबाद का मसूरी थानाक्षेत्र ही क्यों चुना।
बहरहाल दोनों जिलों की पुलिस व एसटीएफ के पास इसका कोई जवाब नहीं है। दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस के हाथ फिलहाल पूरी तरह खाली हैं।