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गौरव चंदेल हत्याकांड: आरोपी उमेश ने दरोगा की रिवाल्वर लूटकर भागने का किया प्रयास, पुलिस ने मारी गोली

Mon, 27 Jan 2020 02:51 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
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गौरव चंदेल हत्याकांड का आरोपी उमेश - फोटो : अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित गौरव चंदेल हत्याकांड मामले में गिरफ्तार आरोपी ने सपनावत के पास देर रात एक दरोगा की रिवाल्वर लूटकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसका पीछा किया तो आरोपी ने पुलिस पर ही गोली चला दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया।
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यह पूरी वारदात उस वक्त हुई जब आरोपी उमेश को गिरफ्तार करने के बाद हापुड़ पुलिस लाइन ले जाया जा रहा था। उमेश को रविवार दिन में हापुड़ के धौलाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। हापुड़ पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई है। हापुड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया है कि इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक आज दिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा करेंगे।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उमेश बुलंदशहर के रायपुर का रहने वाला है और वह मिर्ची गैंग का सदस्य है। इस गैंग का सरगना आशू है। मिर्ची गैंग ने ही कुछ माह पहले भाजपा नेता राकेश वर्मा की हत्या की थी।
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हत्यारों ने मसूरी ही क्यों चुना, एक किलोमीटर के दायरे में दो कार...

मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा में 6 जनवरी को एक निजी कंपनी में रीजनल मैनेजर के पद पर काम करने वाले गौरव चंदेल की हत्या कर उनकी कार लूट ली थी। गौरव चंदेल के हत्यारे गत 14 जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे गौरव की सेल्टोस कार को मसूरी क्षेत्र के आकाश नगर में छोड़कर फरार हो गए थे।

पुलिस पड़ताल में जुटी ही थी कि पता चला कि सेल्टोस कार खड़ी करने से पहले बदमाशों ने कविनगर थानाक्षेत्र से चिराग अग्रवाल की टियागो कार लूटी थी। उक्त कार को भी बदमाश 14 जनवरी को ही रात करीब 1.25 बजे मसूरी थानाक्षेत्र के मिसलगढ़ी में छोड़कर फरार हो गए थे।

बदमाश आए और दोनों कारों को एक किलोमीटर की दूरी में खड़ी करके फरार हो गए थे और नोएडा पुलिस, गाजियाबाद पुलिस व एसटीएफ को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि नोएडा में घटनास्थल, कविनगर क्षेत्र में कार लूट का क्षेत्र, आकाश नगर और मिसलगढ़ी में मोबाइल डंप उठाकर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तलाश की जा रही थी। 

बता दें कि दोनों ही कारों को बदमाश तीन घंटे के अंतराल में खड़ी करके फरार हो गए थे। बड़ा सवाल यह है कि दो जिलों में वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों ने दोनों कार खड़ी करने के लिए आखिर गाजियाबाद का मसूरी थानाक्षेत्र ही क्यों चुना। 

बहरहाल दोनों जिलों की पुलिस व एसटीएफ के पास इसका कोई जवाब नहीं है। दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस के हाथ फिलहाल पूरी तरह खाली हैं। 
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