-उजीना व मिंडकोला कट से बदलेगी इलाके की तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पहले मिंडकोला और अब उजीना गांव के पास कट (इंटरचेंज) को मंजूरी मिलने के बाद मेवात क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं दिखाई देने लगी हैं। एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद के साथ ही रियल एस्टेट डेवलपर्स, निजी कंपनियों और निवेशकों की नजर अब नूंह व पलवल जिले के गांवों की जमीनों पर टिक गई है। क्षेत्र में जमीनों के दामों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि एक निजी कंपनी द्वारा उजीना के आसपास आवासीय सोसायटी विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मेवात के इतिहास में यह पहली बार माना जा रहा है जब किसी बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को लेकर इतनी गंभीर गतिविधियां दिखाई दे रही हैं।
कट मंजूरी के बाद बढ़ी मांग : स्थानीय लोगों और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों ने कहा कि मिंडकोला व उजीना कट की मंजूरी के बाद आसपास के गांवों की जमीनों की मांग में अचानक बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां कृषि भूमि तक सीमित समझे जाने वाले इस क्षेत्र में खरीदार कम आते थे, वहीं अब बाहरी निवेशक और कंपनियां लगातार जमीन की तलाश कर रही हैं। इनके कुछ डीलर काम कर रहे हैं।
निजी कंपनी ने शुरू की सोसायटी की तैयारी: सूत्रों के अनुसार एक निजी कंपनी ने उजीना क्षेत्र में आवासीय सोसायटी विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। यदि यह परियोजना सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में अन्य डेवलपर्स भी मेवात में बड़े स्तर पर निवेश कर सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा।
बड़ी कंपनियां भी जुटा रहीं जमीन : रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि कई नामी कंपनियां एक्सप्रेसवे के किनारे-किनारे जमीनों का सर्वे करा रही हैं। कुछ कंपनियां प्रत्यक्ष रूप से और कुछ एजेंसियों के माध्यम से जमीन खरीदने की संभावनाएं तलाश रही हैं। हालांकि अधिकांश कंपनियां अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई हैं, लेकिन बाजार में उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।
मेवात बन सकता है नया विकास केंद्र :
विशेषज्ञ प्रशांत कुमार का मानना है कि यदि सरकार और प्रशासन आधारभूत सुविधाओं के विकास पर ध्यान देते हैं तो उजीना और आसपास का क्षेत्र आने वाले 5 से 10 वर्षों में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन सकता है।
संभावित विकास की दिशा में—
-लॉजिस्टिक पार्क और वेयरहाउस स्थापित हो सकते हैं।
-औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित करने की संभावना बढ़ेगी।
-आवासीय टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं विकसित हो सकती हैं।
-होटल, पेट्रोल पंप, अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार होगा।
-स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
-क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
चुनौतियां भी कम नहीं :
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अनियोजित विकास भविष्य में समस्याएं खड़ी कर सकता है। इसलिए जमीनों की खरीद-फरोख्त, कॉलोनियों के विकास और औद्योगिक गतिविधियों को नियोजित तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी होगा। पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं का संतुलित विकास भी बड़ी चुनौती रहेगा।
क्यों है महत्वपूर्ण ये एरिया
नूंह व पलवल जिले कि जिस जमीन पर से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस से गुजरा है इसमें एक तरफ नूंह तो दूसरी तरफ पलवल जिला है। मिंडकोला के पास केएमपी के ऊपर से मुंबई एक्सप्रेस वे को गुजारा गया है। यहां एक बड़ा जंगशन बनाया गया। जिसके तहत मुंबई एक्सप्रेस वे से आने व जाने वाले लोग फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं बल्कि कुछ दिनों में यह जेवर एयरपोर्ट को भी छोड़ेगा। यहां से सभी महानगर थोड़ी दूरी पर हैं। यहां अभी जमीन के रेट भी विकसित शहरों से काफी हैं। हाईवेज की कनेक्टिविटी को देखते हुए अब बिल्डर बाहर आने का प्रयास कर रहे हैं और इसके लिए वह तेजी से यहां स्थानीय डीलरों के माध्यम से जमीन इकट्ठा कर रहे हैं कई नामचीन कंपनियों में सैकड़ो एक कर जमीन इकट्ठा कर ली है।
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उजीना कट मंजूर हो चुका है। इससे निश्चित तौर पर यहां विकास को गति मिलेगी। जमीन के रेट काफी महंगे हो चुके हैं। मेरा गांव उजीना है । हम चाहते हैं कट जल्द बने, ताकि यहां विकास को पंख लग सके। इसके लिए सरकार से लगातार कोशिश जारी है।
संजय सिंह, पूर्वमंत्री हरियाणा सरकार
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कोई भी निवेशक यहां आता है और नियम अनुसार कोई कार्य करता है तो निश्चित तौर पर मेवात का विकास होगा जिला प्रशासन नियमानुसार हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है कट से निश्चित तौर पर यहां बेहतर विकास के आयाम स्थापित होंगे ।
-अखिल पिलानी, डीसी नूंह।