दिल्ली की इंटरनेट आधारित रेडिया टैक्सी उबर रेप कांड की पीड़िता ने अपनी आपबीती बताई। लेकिन वह उस खौफनाक रात के बारे में बात करते हुए सिरह उठती है। पीड़िता ने बताया कि वह सोना चाहती है, लेकिन उस रात को याद करके वह आज भी सो नहीं पाती।
पीड़िता के मुताबिक उसके दिलो-दिमाग से वहशी शिव कुमार तस्वीर हट नहीं रही है, वह मानसिक तौर बीमार हो गई है। अब वह दिल्ली की सड़कों पर अकेले निकलने में डरती है।
पीड़िता ने बातया कि वह स्कूल के दिनों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ही सफर कर रही है। उसे इस तरह की दिल दहला देने वाली वारदात की अंदाजा नहीं था। असल में उसने बताया कि वह कई बार उबर के सेवा का इस्तेमाल कर चुकी है।
दोस्त घर तक आ रहे थे छोड़ने पर
पीड़िता ने उस रात के बारे में बताया कि वह दोस्तों संग खाने-पीने के बाद घर जाने के लिए हमेशा की तरह उबर की टैक्सी बुक कराई। संयोग से उस दिन दोस्तों ने पीड़िता को घर तक छोड़ने को कहा। लेकिन उबर पर भरोसे के चलते उसने दोस्तों को परेशान करने के बजाय, टैक्सी से जाना ठीक समझा।
दरअसल, वह आमतौर पर दिल्ली में यात्रा के लिए उबर की टैक्सी इस्तेमाल करती थी। लेकिन उस रात उसका भरोसा टूटा। जिंदगी के साथ वो काली स्याह रात जुड़ गई, जिसका धब्बा उसे फिर से खड़ा होने नहीं दे रहा है।
लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी है। उसने बताया कि उसे स्कूल के दिनों से बुराई और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सिखाया गया है। वह निर्भया रेप कांड के बाद वह अपने दोस्तों के साथ कई विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुई थी। अब वह खुद के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएगी।
उबर का तर्क जान सहम जाएंगे आप भी
मामले में उबर कंपनी की भूमिका के बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे। पीड़िता ने बातया कि उबर के अधिकारियों का कहना है कि ड्राइवर ने आप पर लोहे की रॉड से हमला तो नहीं किया। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक उस ड्राइवर को निकाल दिया गया है।
अमेरिकी कंपनी की नजर में पीड़िता के साथ हुई उस शर्मनाक घटना का कोई असर नहीं है। वह माले में जानमाल की क्षति की भरपाई करने की बात कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार उस अकल्पनीय दुख की भरपाई कैसे होगी, जो उसने और उसके परिवार ने सही है।
फिलहाल, युवती का कहना है कि, अब वह न्याय की मांग करती है, आरोपी और टैक्सी कंपनी उबर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो एक समाज के रूप में, सरकार के रूप और एक देश के तौर पर हम पूरी तरह फेल हो जाएंगे। ये बातें पीड़िता ने दि इंडियन एक्सप्रेस से को बताई हैं।