नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन-2026 में उत्तर प्रदेश के दो युवाओं को सम्मानित किया गया। फरीदपुर, बरेली के अभय गुप्ता और दयालबाग, आगरा की झील गौतम को यह सम्मान मिला। दोनों युवाओं को उनकी रचनात्मकता, ज्ञान एवं नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम-जी) अधिनियम, 2025’ के संदेश के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा जन-जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें पुरस्कृत किया। इस समारोह में यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उपस्थित रहे।
नई दिल्ली के पूसा स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स के सी. सुब्रह्मण्यम सभागार में आयोजित दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन-2026’ के दूसरे दिन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर से चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित किया। समारोह में यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के इन दोनों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य ने दोनों युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि इन दोनों युवाओं की इस उपलब्धि ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। साथ ही उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं ग्रामीण विकास व संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी की उपस्थिति में ‘एक पेड़ मां के नाम‘ रोपित किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री उपस्थित रहे।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा उक्त अधिनियम के प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से (माय भारत) तथा (माय जीओवी) पोर्टल पर पंजीकरण कर राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसके अंतर्गत आयोजित “60 सेकंड फॉर माय विलेज ” (नेशनल रील/वीडियो चैलेंज) में उत्तर प्रदेश के इन दोनों प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस नेशनल प्रतियोगिता में लोगो डिजाइन, क्विज और रील प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया था। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत ग्रामीण विकास और नवाचार को नई दिशा देने के लिए तीन बड़ी प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को भाग लेने की अपील की थी।
इससे युवाओं की कला, ज्ञान और डिजिटल कौशल के माध्यम से ग्रामीण भारत की एक नई पहचान संवारना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। अभियान के अंतर्गत लोगो ‘डिजाइन, क्विज और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं’ का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओ से न केवल युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान मिला, बल्कि उन्हें ग्रामीण संस्कृति और आत्मनिर्भरता के विजन से भी परिचित होने का अवसर मिला, साथ ही साथ 'वीबी-जी राम जी' अधिनियम के बारे में आम लोगों को अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हुई और कतिपय भ्रान्तियां भी दूर हुईं। 'माय विलेज' रील/वीडियो प्रतियोगिता मे सोशल मीडिया के प्रभाव को देखते हुए 15 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए रील मेकिंग प्रतियोगिता हुई थी। इसमें प्रतिभागी 30-60 सेकंड के वीडियो के माध्यम से अपने गांव की खूबसूरती और विकास की कहानियों को साझा किया।