संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने 2017 में हुई एक लूट की घटना में दो युवकों को दोषी ठहराया है। अदालत ने शंकर और धर्मेंद्र उर्फ टोनी को लूट के दौरान पीड़ित को चोट पहुंचाने के मामले में दोषी माना है। इसके साथ ही टोनी को फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक इस्तेमाल करने का भी दोषी पाया है। हालांकि, सबूतों के अभाव में शंकर को घातक हथियार से लूट के आरोप से बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हिमांशु रमन सिंह ने कहा कि पीड़ित की शुरुआती शिकायत में सिर्फ चाकू दिखाने की बात कही थी, जबकि बाद की गवाही में चाकू से वार करने का जिक्र किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में चोट को किसी नुकीले हथियार से लगी चोट नहीं बताया। इसके अलावा, बरामद चाकू पर डीएनए के सबूत भी नहीं मिले और उसकी पहचान भी साफ नहीं हो पाई। इसी वजह से शंकर को घातक हथियार से लूट के आरोप से बरी कर दिया गया।