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बूंद बूंद से भरा पाप का घड़ा फूटा: दिल्ली में पकड़ी गई घरेलू टकसाल, सिर्फ अपने लिए छापते थे 50 के नकली नोट

Thu, 15 Dec 2022 09:53 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी 50 रुपये का नोट बनाते थे और खुद पर ही खर्च करते थे। जिले के स्पेशल स्टाफ को इस बात की भनक लग गई और पुलिस टीम ने घर पर दबिश देकर इसका खुलासा कर दिया। 
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोहिणी जिला के बुध विहार इलाके में रहने वाले दो युवक घर में ही टकसाल चला रहे थे। अपने खर्चा के लिए वह घर में ही 50 रुपये का जाली नोट बना रहे थे। दोनों युवक केशवपुरम में हत्या के प्रयास में तिहाड़ जेल गए थे। जहां पहले से जेल में बंद असलम से दोस्ती हुई और फिर दोनों ने उससे नकली नोट बनाने की तकनीक सीखी। जेल से निकलने के बाद घर पर प्रिंटर व नोट बनाने का अन्य सामान का इंतजाम कर इस धंधे को शुरू कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी 50 रुपये का नोट बनाते थे और खुद पर ही खर्च करते थे। जिले के स्पेशल स्टाफ को इस बात की भनक लग गई और पुलिस टीम ने घर पर दबिश देकर इसका खुलासा कर दिया। इनके कब्जे में पुलिस ने 1.13 लाख की जाली नोट और इसे बनाने वाले उपकरण बरामद कर लिए।

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जांच में पता चला है कि आरोपी एक साल से घर में जाली नोट बना रहे थे और अब तक आठ लाख रुपये का जाली नोट बना चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुए वाली गली, हापुड़ यूपी निवासी समीर फैसल और नई आबादी खाई, हापुड़ यूपी निवासी सुमेर के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने एक प्रिंटर, एक कागज काटने की मशीन, स्याही की बोतलें, नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला ए4 आकार का कागज और मार्कर पेन बरामद की है।

14 दिसंबर को स्पेशल स्टाफ को बुध विहार इलाके में जाली नोट बनाए जाने की जानकारी मिली। एसीपी ईश्वर सिंह के देखरेख में पुलिस टीम ने जानकारी की सत्यता की पुष्टि की। उसके बाद पुलिस ने बुध विहार, फेज-2, रोहिणी के एक मकान पर छापा मारा। पुलिस टीम को देखते ही दोनों आरोपी भागने लगे। जिन्हें पुलिस टीम ने दबोच लिया। घर से पुलिस ने 1.13 लाख के नकली नोट और इसे तैयार करने में इस्तेमाल प्रिंटर सहित अन्य सामान बरामद कर लिए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि साल 2021 के मार्च माह में केशवपुरम इलाके में हत्या के प्रयास में तिहाड़ जेल में बंद हुए थे। जहां उनकी दोस्ती पहले से जेल में बंद असलम से हुई। 
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असलम ने उन्हें नकली नोट बनाने के धंधे का गुर सिखाया। दिसंबर 2021 में जेल से निकलने के बाद दोनों ने बुध विहार में एक किराए के मकान में रहने लगे। जहां दोनों प्रिंटर, कागज, स्याही व अन्य सामान का इंतजाम कर 50 रुपये के नकली नोट बनाने लगे। पहले तो उनलोगों ने ई-रिक्शा वालों को नकली नोट दिए। जब वह पकड़े नहीं गए तो नकली नोट को दुकान व अन्य जगहों पर चलाने लगे। उन लोगों ने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए नकली नोट को कभी बेचा नहीं। जिला पुलिस उपायुक्त गुरइकबाल ने बताया कि एक साल में दोनों आरोपी आठ लाख रुपये का नकली नोट बना चुके हैं और महीने में 50 से 60 हजार रुपये खर्च करते थे। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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