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सहवाग के ससुर की बिल्डिंग की छत गिरी

Tue, 18 Feb 2014 12:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सदर बाजार के पहाड़ी धीरज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला इमारत की छत गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई। वहीं, एक महिला समेत दो जख्मी हो गए।
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करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने सभी को बाहर निकाला। अस्पताल में दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

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यह इमारत क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के ससुर स्वराज सिंह अहलावत है। पुलिस को आशंका है कि जर्जर इमारत की तीसरी मंजिल पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से यह हादसा हुआ है। सदर बाजार थाना पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार पहाड़ी धीरज के गली लोटन जाट में पेशे से वकील स्वराज सिंह अहलावत अपने परिवार के साथ ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं। तीन मंजिला इमारत के एक भाग में कमर्शियल काम होता है।

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पहली मंजिल नरेश का हौजरी का काम है। साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर कुछ दुकानें हैं। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे नरेश की कंपनी में कुछ महिलाएं सामान की पैकिंग कर रही थीं। 

इस इमारत की तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक तीसरी मंजिल की छत दूसरी मंजिल पर आ गिरी। दूसरी मंजिल की छत उस भार को संभाल नहीं पाई और पहली मंजिल पर आ गिरी। हादसे में हौजरी फैक्टरी में काम कर रही तीन महिलाएं समेत चार लोग मलबे के नीचे दब गए।

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करीब साढ़े 12 बजे लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को दी। दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीन महिला समेत चार लोगों को बाहर निकाल कर उन्हें उपचार के लिए बाड़ा हिंदूराव अस्पताल पहुंचाया।

जहां  डॉक्टरों ने 60 वर्षीय पुष्पा और 45 वर्षीय रानी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गीता और रामू को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दोनों महिलाएं पास की झुग्गियों में रहती थीं।

छत गिरने के बाद खुद ही मलबा को हटाने में जुट गए लोग
इमारत के पिछले भाग में हादसा होने की वजह से आसपास के लोगों को हादसा के बारे में उस समय पता चला जब दमकल की गाड़ियां और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचने लगे। इससे पूर्व छत गिरने के बाद इस इमारत में रहने वाले लोग और दुकानदार खुद ही मलबा को हटाकर घायलों को निकालने का प्रयास किया। नाकाम होने के बाद उनलोगों ने घटना की जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को दी।
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घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित है पुष्पा का घर
हादसे के बाद से पुष्पा के कमरे पर ताला लगा हुआ था। पड़ोस में रहने वाले सचिन ने बताया कि  पुष्पा अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ यहां रहती थी। बेटी का कुछ साल पहले ही शादी हो गई है। पुष्पा नरेश की फैक्टरी में पैकिंग का काम करती थी। जबकि उसका पति मजदूर है।
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