स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को गांव नाहरपुर रूपा में अवैध रूप से गर्भपात कराने के ठिकाने का भंडाफोड़ किया। सेवक क्लिनिक के नाम से चलाए जा रहे इस गर्भपात क्लिनिक से कई प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की गईं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर गर्भपात का धंधा करने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। विभाग को नाहरपुर रूपा में अवैध तरीके से गर्भपात कराने की सूचना मिली थी।
इसके बाद बृहस्पतिवार को ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सरयू शर्मा और रेडक्रॉस सोसाइटी सचिव श्याम सुंदर की संयुक्त टीम ने क्लिनिक पर दबिश दी। वहां उन्हें मीनाक्षी और सुमन नाम की दो महिलाएं मिलीं, जो क्लिनिक में गर्भपात कराती थीं।
जब टीम ने दोनों से गर्भपात कराने का सरकारी लाइसेंस और डिग्री मांगी तो कुछ भी नहीं मिला। छापेमारी के दौरान वहां पर गर्भपात कराने में इस्तेमाल की जाने वाली करीब 24 किट और प्रतिबंधित दवाइयां मिलीं।
इन्हें दीवान पलंग के अंदर छिपाकर रखा जाता था। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सरयू शर्मा ने बताया कि गर्भपात केंद्र चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुमति जरूरी है।
इसके बावजूद एक विशेषज्ञ महिला रोग विशेषज्ञ के साथ अस्पताल में पूरी व्यवस्था के साथ ही यह काम किया जा सकता है। ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि क्लिनिक से बरामद दवाओं और गर्भपात किट का ब्योरा नहीं था।
जो किट इस्तेमाल की गईं, किन परिस्थितियों में की गईं, इसका भी रिकॉर्ड नहीं था। यह मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) एक्ट का उल्लंघन है। आरोपी महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।