दिल्ली विधानसभा सत्र के पहले दिन बुधवार को कार्यवाही के दौरान दर्शक दीघा से मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ नारेबाजी और अपनी मांग से जुड़ा पर्चे फेंके जिससे खूब हंगामा हुआ। दोनो लोग पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। थोड़ी देर के लिए अफरातफरी के हालात हो गए।
सुरक्षा कर्मियों को खूब मशक्कत करनी पड़ी लेकिन विधायक व बाहर लाने पर कुछ समर्थकों ने भी दोनो को पीटा। आम आदमी पार्टी जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाने के साथ सत्येंद्र जैन से इस्तीफा मांगने वाले इन दोनो लोगों ने पीले रंग की सिख पगड़ी बांधी हुई थी। जिस पर जनरैल सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने संगत को बदनाम करने की बात भी रखी।
घटना के बाद सत्ताधारी विधायक गैलरी की तरफ दौड़े, सुरक्षा कर्मी दर्शक दीर्घा से नारेबाजी करने वाले दोनो लोगों को नीचे लेकर आए तो विधायक उन पर टूट पड़े। उन्हें इतना पीटा कि एक व्यक्ति जिसका नाम जगदीप राणा था, उसे पुलिस को स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने बताया कि चोट बहुत ज्यादा नहीं है।
इस हंगामे के बीच विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सुरक्षा कर्मियों को आदेश दिए कि इन्हें गिरफ्तार करके अगले आदेश तक विस परिसर में ही रखें। फिर सदन की कार्रवाई 2 बजकर 42 मिनट पर 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही 30 मिनट देरी की बजाय एक घंटे आठ मिनट देरी से 3 बजकर 50 मिनट पर शुरू हुई। जहां विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रस्ताव रखा कि जिन दो लोग जगदीप राणा और आर कुमार ने नारेबाजी की और पर्चे फेंके, ये सदन मव सदस्यों की अवमानना है। इन्हें 30 दिन केलिए जेल भेजा जाए।
इस पर खड़े होकर वोटिंग कराई गई जिसमें पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा को भी व्हीप जारी होने के कारण समर्थन करना पड़ा। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ। अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने केन्द्रीय कारागार तिहाड़ जेल अधीक्षक 30 दिन तक इन लोगों लोगों को जेल में रखने का वारेंट कमिटमेंट भेजा जिसमें सिविल लाइंस एसएचओ के माध्यम से जेल ले जाने का आदेश शामिल है।