घटना 22 जनवरी दोपहर करीब 2.20 बजे हुई थी, बीट अधिकारी हवलदार राजकुमार गश्त पर थे। उन्हें सफदरजंग इलाके के एक पार्क में दो संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर पूछताछ करने पर दोनों ने उन पर हमला कर दिया।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस की टीम ने दिल्ली पुलिस के एक हवलदार पर इस माह की शुरुआत में सफदरजंग इलाके के एक पार्क में हमला कर उनकी सर्विस पिस्टल लूटने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी अविनाश उर्फ जानू (30) को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टुंडला इलाके से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया जबकि उसके सहयोगी वसीम (30) को बाद में दक्षिण दिल्ली से पकड़ा गया। इस मुठभेड़ में सफदरजंग एंक्लेव एसीपी समेत दो पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पकड़े गए आरोपी जानू के खिलाफ पहले से 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह ग्रेजुएट है। वसीम के खिलाफ भी पहले से दो मामले दर्ज हैं।
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दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि 23 जनवरी को अविनाश को टुंडला में पुराने बाईपास रोड के पास स्कूटर पर देखा गया। उसे रुकने का इशारा किया गया तो उसने भागने की कोशिश की। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के घुटनों में गोली लगीं। बाद में उसे काबू किया गया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी अपनी बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से सुरक्षित बच गए। आरोपी के पास से लूटी गई 9 एमएम की सरकारी पिस्टल, तीन खोखे, एक स्कूटर और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। उससे पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी दक्षिण दिल्ली के स्वामी नगर का निवासी वसीम गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना 22 जनवरी दोपहर करीब 2.20 बजे हुई थी, बीट अधिकारी हवलदार राजकुमार गश्त पर थे। उन्हें सफदरजंग इलाके के एक पार्क में दो संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर पूछताछ करने पर दोनों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि एक आरोपी ने हवलदार को काबू किया जबकि दूसरे ने उनकी सर्विस पिस्टल छीन ली। आरोपी फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
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500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई
इस संबंध में सफदरजंग एन्क्लेव थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपियों की तलाश के लिए एसीपी, सफदरजंग एंक्लेव मेल्विन वर्गीस, थानाध्यक्ष रजनीश, स्पेशल स्टाफ प्रभारी विजय बलियान, एसआई अशोक कुमार व सुनील गौड़ आदि कई टीमें गठित की गईं। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सफदरजंग एन्क्लेव, हौज खास, मालवीय नगर और महरौली क्षेत्रों में लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, साथ ही तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी का भी इस्तेमाल किया गया।