शाहबेरी स्थित जेपी हाइट्स अपार्टमेंट के गिरने की आशंका और उसके अवैध होने के कारण प्राधिकरण ने 21 जुलाई को उसे सील कर दिया था। इस अपार्टमेंट में फ्लैट लेने वाली दिल्ली के साकेत निवासी दो बहनें नूपुर और साहिबा शाहबेरी हादसे के बाद से एफआईआर दर्ज कराने के लिए रोजाना कोतवाली के चक्कर लगा रहीं हैं। उनका आरोप है कि बिल्डर ने उनको धोखा देकर अवैध प्रोजेक्ट में फ्लैट बेचा है। इसके बावजूद पुलिस बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
दिल्ली के साकेत में निवासी नूपुर और उनकी बहन साहिबा शनिवार को बिसरख कोतवाली पहुंची। उन्होंने बताया कि वह दोनों फैशन डिजाइनर हैं। शाहबेरी के हादसे के बाद से वह रोजाना बिसरख कोतवाली पहुंचकर बिल्डर पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रही हैं। इस संबंध में उन्होंने पीएम, सीएम एवं आला अधिकारियों को पत्र भी लिखे हैं लेकिन पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की है।
नूपुर ने जानकारी दी है कि जेपी हाइट्स अपार्टमेंट में करीब 22 लाख रुपये में 3 बीएचके फ्लैट का सौदा उन्होंने जनवरी में किया था। इसका भुगतान नकद और बैंक ट्रांजेक्शन से कर दिया गया था। वहीं, साहिबा ने भी वन बीएचके का 14 लाख का फ्लैट लेने के लिए 50 हजार रुपये बिल्डर को एडवांस दिए थे।
बिल्डर ने उन्हें बताया था कि उनका प्रोजेक्ट पूरी तरह से वैध है। शाहबेरी हादसे के बाद उन्हें जानकारी हुई कि वह धोखे का शिकार हुईं हैं और बिल्डिंग प्राधिकरण व प्रशासन ने सील कर दी है। इसलिए वह इस मामले में एफआईआर व आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रही हैं।