परवेश मान ने 2019 में कल्लू के चाचा और 2022 में कल्लू के पिता की हत्या कर दी थी। इसके बदले कल्लू ने 2019 में परवेश के चचेरे भाई और उसकी भाई की हत्या कर दी थी। माना जा रहा है कि इन शूटरों की गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई-गोगी गैंग की रीढ़ की हड्डी टूट गई है। आरोपी कुलदीप डकैती के एक मामले में शामिल रहा है और अब्दुल कादिर के खिलाफ चोरी के तीन मामले दर्ज हैं।
ऐसे गिरफ्तार किए गए शूटर
अपराध शाखा की एनडीआर ब्रांच के एसीपी उमेश बडथ्वाल व इंस्पेक्टर रामपाल को सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई- गोगी गैंग के कल्लू खेड़ा गिरोह के दो वांछित अपराधी और नोएडा में गैंगस्टर परवेश मान के भाई सूरज मान की हत्या करने अपने सहयोगियों से मिलने सराय कालेखां बस स्टाप के पास आएंगे। इसके बाद एसीपी उमेश उमेश बड़थ्वाल की देखरेख में इंस्पेक्टर रामपाल, इंस्पेक्टर योगेश कुमार, एसआई मुकेश, प्रमोद, अनिल व एएसआई नरेंद्र की टीम ने सराय काले खां बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर वहां आए दोनों शूटर भजनपुरा निवासी कुलदीप व बिजनौर, यूपी निवासी अब्दुल कादिर को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा। आरोपी शूटरों ने आत्मसमर्पण करने की बजाय पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। शूटरों ने पुलिस टीम पर कुल छह गोलियां चलाईं। बदमाशों की दो गोलियां इंस्पेक्टर योगेश कुमार को लगी, मगर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बच गए। एएसआई नरेंद्र भी बाल-बाल बच गया। जवाबी कार्रवाई में इंस्पेक्टर रामपाल की टीम ने भी पांच राउंड फायरिंग की। एक-एक गोली दोनों शूटरों के पैरों में लगी। दोनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दोस्त के जरिए कल्लू गिरोह में शामिल हुआ था
कुलदीप ने अपने दोस्तों को चाकू मार दिया था। इस मामले में ये जेल गया था। जेल में मुलाकात कादिर से हुई। कुलदीप के दोस्त ने उसे कपिल उर्फ कल्लू से मिलवाया और प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्य प्रवेश मान के भाई सूरज मान को मारने का काम दिया। परवेश मान ने कपिल उर्फ कल्लू के चाचा, पिता और उनके गिरोह के कई सदस्यों की हत्या कर दी थी। कपिल उर्फ कल्लू ने जेल से दोनों शूटरों को गैंगस्टर प्रवेश मान के भाई की हत्या करने का निर्देश दिया था।