तिहाड़ जेल में शुक्रवार को दो कैदियों की बरसाती नाले में डूबने से मौत हो गई है। मृतकों की शिनाख्त अमित व विनय के रूप में हुई है। दोनों जेल संख्या आठ- नौ में हत्या के मामले में सजायाफ्ता थे। जेल प्रशासन सीसीटीवी कैमरे की मदद से इस बात की जांच कर रही है कि दोनों कैदी कैसे डूबे। शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में जेल मुख्यालय ने उपाधीक्षक, सहायक अधीक्षक व हेड वार्डर को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी जेल के डीआइजी को सौंपी गई है। घटना की न्यायिक व पुलिस जांच भी की जा रही है।
जेल के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे की है। जेल में बंद अमित व विनय को बागवानी की जिम्मेदारी दी गई थी। बागवानी से जुड़े काम के लिए दोनों कैदी जेल की दो बाहरी दीवार के बीच बने रास्ते से काम करने के लिए जा रहे थे। जिस रास्ते से दोनों जा रहे थे, उस रास्ते से करीब 15 फीट गहरा बरसाती नाला गुजरता है। यह नाला ऊपर से ढका है, लेकिन जगह जगह इसमें ढक्कन लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ जगहों पर ढक्कन पूरी तरह बंद नहीं है या ढक्कन गायब हैं।
सुबह साढ़े आठ बजे जेल के वाच टावर पर तैनात आइटीबीपी के एक जवान ने इसमें एक कैदी को गिरता हुआ देखा। उन्होंने शोर मचाया। जब लोग वहां पहुंचे तो पाया कि नाले में दो कैदी अचेत पड़े हैं। दोनों को नाले से बाहर निकाला गया। इन्हें मौके पर ही सीपीआर दिया गया। इनके शरीर में थोड़ी हलचल होने पर दोनों को तुरंत जेल के अस्पताल और फिर डीडीयू अस्पताल भेजा गया, जहां दोनों ने दम तोड़ दिया।
नाले के पास क्यों गए थे कैदी
जेल सूत्रों का कहना है कि दोनों कैदी को नाले की सफाई के लिए नहीं भेजा गया था। ऐसे हालत में वह किसके कहने पर नाले के पास गए थे। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। जेल प्रशासन का कहना है कि जेल में नाले की सफाई का काम कैदी नहीं करते। यह जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है। आशंका है कि पहले एक कैदी गलती से नाले में फिसल गया होगा और फिर दूसरा उसकी जान बचाने के चक्कर में अंदर गया होगा। जेल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के बारे में जानकारी मिल पाएगी।