जहांगीरपुरी इलाके में महिला और उसके 12 साल के बेटे की चाकू मारकर हत्या के मामले में मंगलवार को पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट की लाखों की रकम व जेवरात बरामद किए हैं। आरोपी पति प्रदीप व पत्नी मीनाक्षी ने मृतका को पहले से जानते थे। इसलिए उन्हें घर में प्रवेश करने में परेशानी नहीं हुई। हत्या के बाद दोनों दिल्ली छोड़कर भागने की फिराक में थे लेकिन पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, 30 से अधिक कॉल डिटेल और सर्विलांस की मदद से आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उनके घर से 5.17 लाख रुपये, जेवरात, चाकू, खूून से सने कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।
उत्तर पश्चिम पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि 21 जनवरी को जहांगीरपुरी के एक मकान से एक महिला व लड़के का दुर्गंध करता हुआ शव बरामद हुआ था। शवों की शिनाख्त पूजा व उसके बेटे हर्षित उर्फ हर्ष के रूप में हुई थी। पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज में 16 जनवरी को मृतका के घर से भागते हुए महिला-पुरुष दिखाई दिये। पुलिस ने मृतका कॉल डिटेल खंगाली तो प्रदीप नामक शख्स का नाम सामने आया। पुलिस ने प्रदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि मीनाक्षी की मृतका पूजा से अच्छी दोस्ती थी। दोनों परिवारों का घर आना-जाना लगा रहता था। इसलिए उन्हें घर में घुसने और वारदात करने में कोई परेशानी नहीं हुई। दंपति ने मिलकर पूजा व हर्ष की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपियों ने खून से सने कपड़ों व चाकू घर में ही छिपा रखा था।
मकान खरीदने के लिए घर में रखी थी रकम
पुलिस का कहना है कि मृतका पूजा को जहांगीरपुरी में एक दूसरा मकान खरीदना था, जिसका वह एडवांस दे चुकी थी। बाकी की 6 लाख रुपये की रकम घर में ही रखी थी। यह बात उसने मीनाक्षी को बताई थी। यह सुनकर मीनाक्षी व उसके पति प्रदीप ने घर में लूट की योजना बना डाली। आरोपी प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए उसने आसानी से पैसा कमाने की मंशा पूजा के घर में लूटपाट की साजिश रची। उसका कहना है कि वह हत्या नहीं करना चाहता था लेकिन पूजा व हर्ष उसे पहचानते थे और लूट के बाद उसकी पहचान जाहिर कर देते। इसलिए उनकी हत्या करनी पड़ी। दो साल पहले तपेदिक रोग से पूजा के पति का देहांत हो गया था। डेढ़ साल पहले पूजा ने निजी कंपनी की नौकरी छोड़ दी थी। मायके वाले उसकी आर्थिक मदद कर रहे थे। वह उसके घर से दो गली छोड़कर रहते हैं।