ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के एक खडे़ कैंटर में पीछे से मिनी बस टकरा गई। हादसे में एनआरआई पिता-पुत्र की मौत हो गई और एक बच्चे सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि मूलत: वडोदरा (गुजरात) के संतोष नगर कालोनी निवासी रावजी भाई पटेल (70) अपने परिवार के साथ अमेरिका में रहते हैं। वह पत्नी ललिता, बेटे शैलेश (40), धारा, नातिन सिरिया, पार्थ और चालक अखिलेश के साथ भारत भ्रमण पर निकले थे।
टूरिस्ट मिनी बस में सवार होकर पूरा परिवार यमुना एक्सप्रेसवे से आगरा जा रहा था। सुबह करीब छह बजे जब उनकी मिनी बस जीरो प्वाइंट से 30 किलोमीटर पर पहुंची तो चालक को नींद आ गई और बस सड़क पर किनारे खड़े कैंटर में घुस गई। बस में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हाईवे कर्मियों ने घायलों को ग्रेनो के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टरों ने रावजी भाई पटेल (70) और उनके पुत्र शैलेश (40) को मृत घोषित कर दिया है। अन्य घायलों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना होने के पीछे चालक अखिलेश को नींद आने की बात सामने आ रही है।
खडे़ वाहनों में टकराने से ज्यादा हादसे
यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा हादसे खड़े वाहनों में गाड़ियां टकराने से हुए हैं। दो साल में ऐसे करीब 40 बड़े हादसे सामने आए हैं। पुलिस भी इस बात को मान रही है कि इस तरह के हादसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसे रोकने के लिए पुलिस और हाईवे कर्मियों की बैठक की जाएगी। जिससे सड़क वाहनों को खड़ा होने से रोकने एक्शन प्लान बनाया जाएगा।