फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Online Gaming Addiction: नांगलोई और आदर्श नगर में भी दो नाबालिगों ने दी थी जान; ऑनलाइन गेम बन रहे जानलेवा

Thu, 05 Feb 2026 12:04 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

गाजियाबाद में तीन बहनों की खुदकुशी से पहले दिल्ली के नांगलोई और आदर्श नगर में भी दो नाबालिगों ने गेमिंग की लत के कारण जान दे दी थी। मोबाइल पर ऑनलाइन गेमिंग जानलेवा बन रहे हैं।
विज्ञापन
Delhi Police file photo - फोटो : adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

...तो क्या अब ऑनलाइन गेमिंग बच्चों की जान पर भारी बन गई है। जी हां गाजियाबाद में मोबाइल पर गेम खेलने के बाद तीन नाबालिग बहनों के खुदकुशी करने के मामले में अब यह बहस तेज हो गई है। मोबाइल पर ऑनलाइन गेमिंग में एआई व बढ़ती तकनीक के साथ न सिर्फ मोबाइल गेम आक्रमक हो रहे हैं बल्कि यह जानलेवा भी बन रहे हैं।
विज्ञापन


वर्ष 2025 में राजधानी दिल्ली में इसी तरह के दो मामले सामने आए थे। बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में महज 10 साल के मासूम ने 7 घंटे फ्री फायर मैक्स गेम खेलने के बाद अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। 

इसी तरह आदर्श नगर इलाके में हर समय मोबाइल पर गेम खेलने के कारण गुस्से में बड़ी बहन के डांटने पर 15 साल के किशोर ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। जानकारों का कहना है कि कई मोबाइल गेम में कुछ स्टेप इस तरह के हैं, जिनसे प्लेयर अजीब हरकत करते हैं, कई बार गेम लूज करने पर वह अपनी जान तक दे देते हैं। 
विज्ञापन

31 जुलाई 2025 को नांगलोई के अंबिका विहार में कुछ ऐसा ही हुआ। 10 साल का मासूम घर पर अकेला था। उसके माता-पिता काम पर गए। मासूम ने 7 घंटे गेम खेला। बाद में 4 घंटे यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद घर में उसने फंदा लगा लिया। शाम का माता-पिता घर आए तो उनको बेटे के आत्महत्या करने का पता चला। 
 
विज्ञापन

इसी तरह 2 अक्तूबर 2025 को आदर्श नगर इलाके में 15 साल के आदर्श नामक नाबालिग ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। वह ऑन लाइन गेमिंग के चक्कर में पढ़ाई नहीं कर रहा था। लगातार उसकी पढ़ाई पर असर हो रहा था। बड़ी बहन के डांटने पर उसने खुदकुशी करना ज्यादा बेहतर समझा। पुलिस अधिकारी इसके पीछे मोबाइल गेमिंग को जिम्मेदार ठहराते हैं।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें