सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को एनआरएचएम घोटाले से जुड़े केस में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला पर मुकदमा चलेगा। अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र तय किए गए। अदालत ने केस की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख नियत की है।
सीबीआई के लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि वर्ष 2006 में एनआरएचएम के तहत प्रदेश भर में अस्पतालों के लिए एफआरयूडी किट की खरीदारी की गई थी। इसमें 21 करोड़ 20 लाख रुपये की घोटाला होने की शिकायत सीबीआई को मिली थी।
सीबीआई ने मामले की जांच की और 66 महीने बाद सप्लीमेंट्री चार्ज कोर्ट में पेश किया था। इस केस के मुख्य आरोपी अभय कुमार वाजपेयी, नरेश ग्रोवर, सुनील चौहान और राजा राम भारती थे। कुशवाहा और शुक्ला ने कोर्ट में डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की थी।
इसके माध्यम से कुशवाहा के वकीलों की ओर से दी गई चार्जशीट में बताया गया कि जिस समय यह एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे, उस समय वह स्वास्थ्य मंत्री नहीं थे। सीबीआई ने गलत तरीके से फंसाया है। इस पर सीबीआई के लोक अभियोजक का कहना था कि आरोप है कि किट की खरीददारी के एवज में पांच से 15 प्रतिशत कमीशन भी लिया गया था।