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Delhi NCR News: जामताड़ा में बैठकर दिल्ली के लोगों से करोड़ों की ठगी में इंजीनियर समेत दो गिरफ्तार

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जामताड़ा के साइबर सिंडिकेट का खुलासा..फर्जी केवाईसी और स्क्रीन शेयरिंग से ठगी करने के बहाने अधिक उम्र के लोगों को बनाते थे निशाना
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-शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने झारखंड के धनबाद से दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार, फिलहाल 50 लोगों से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी की आशंका
-नकली बैंक अधिकारी बनकर लेते थे क्रेडिट कार्ड डिटेल्स और ओटीपी, पुलिस ने फर्जी डिलीवरी बॉय बनकर बिछाया जाल, चार दिन चला विशेष ऑपरेशन, आरोपियों से पूछताछ जारी
अमर उजाला ब्यूरो

पूर्वी दिल्ली।
शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने जामताड़ा, झारखंड में चल रहे एक हाईटेक साइबर सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने झारखंड के धनबाद में चार दिनों तक चलाए गए विशेष ऑपरेशन के तहत दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक बीटेक इंजीनियर भी शामिल है। आरोपी बैंक अधिकारी बनकर फर्जी केवाईसी अपडेट करने और स्क्रीन शेयरिंग के जरिये क्रेडिट कार्ड की निजी जानकारी प्राप्त कर लाखों रुपये की ठगी करते थे। इनके निशाने पर 50 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग होते थे। छानबीन में पुलिस को पता चला कि आरोपी आफताब अंसारी बीटेक ग्रेजुएट है, उसने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की हुई है। दूसरा आरोपी अब्दुल मजीद इसका सहयोगी है। इनके गैंग में कई अन्य लोग भी शामिल हैं।
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शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 23 सितंबर को तरनजीत सिंह नामक व्यक्ति ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि अज्ञात शख्स ने एचडीएफसी बैंक अधिकारी बनकर उनसे केवाईसी अपडेट करने के नाम पर क्रेडिट कार्ड की डिटेल ले ली। बाद में जियोमार्ट के जरिये आरोपियों ने 1.39 लाख रुपये का एक फोन खरीद लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। जांच में पता चला कि चोरी के पैसों से खरीदा गया फोन झारखंड के धनबाद स्थित झरिया इलाके में डिलीवर हुआ है। पुलिस की टीम टेक्निकल सर्विलांस की मदद से जांच करते हुए धनबाद पहुंची। टीम ने धनबाद में चार दिनों तक डेरा डाले रखा। बाद में कुरियर डिलीवरी बॉय की मदद से फर्जी पार्सल डिलीवरी का जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपी पार्सल लेने पहुंचे, पुलिस टीम ने दोनों को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान आफताब अंसारी (24) और अब्दुल मजीद (23) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी बोरवा गांव, जिला जामताड़ा, झारखंड के रहने वाले हैं।
ऐसे की जाती थी साइबर ठगी : पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी फेसबुक या दूसरी सोशल मीडिया साइट्स पर क्रेडिट कार्ड केवाईसी अपडेट के विज्ञापन देते थे। इनको देखकर जो लोग रिस्पॉन्स करते थे, उनसे ऑनलाइन केवाईसी के लिए एक फॉर्म भरवाया जाता था। ज्यादातर 50 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों को निशाना बनाकर वीडियो कॉल की जाती थी। बाद में आरोपी ई-केवाईसी करवाने के बहाने उनसे मोबाइल स्क्रीन शेयर करवा लेते थे। स्क्रीन शेयरिंग से वह क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीवी और आने वाला ओटीपी देखकर महंगे स्मार्टफोन खरीद लेते थे।
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नेपाल में बेचे जाते थे ज्यादातर मोबाइल : पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह ठगी की रकम से खरीदे गए ज्यादातर मोबाइल को नेपाल में कम दामों में बेच देते थे। इसके अलावा कुछ मोबाइल को दूसरे राज्यों के लोकल बाजारों में बिल के साथ कम दाम में बेच दिया जाता था। शुरुआती जांच में आरोपियों द्वारा 50 से अधिक लोगों से ठगी की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस आशंका जता रही है कि इन लोगों ने 150 से 200 लोगों के साथ ठगी कर करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल बरामद किए हैं, जिनमें ठगी से जुड़ी व्हाट्सएप चैट और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
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