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दो एक्सप्रेस-वे देंगे शहर को रफ्तार

Sat, 01 Mar 2014 04:10 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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एनएच-24 के 14 लेन चौड़ा होने का रास्ता साफ हो गया है। एनएचएआई ने यूपीगेट से लेकर डासना तक के हिस्से को दिल्ली से मेरठ तक प्रस्तावित मेरठ एक्सप्रेस-वे योजना में शामिल किया था।
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शुक्रवार को वित्त मंत्रालय की पीपीपी अप्रूअल कमेटी (पीपीपीएसी) की भी मंजूरी मिल गई। अब छह लेन का एक्सप्रेस वे और आठ लेन का एनएच-24 होगा। एक्सप्रेस वे बनने से लाखों वाहन चालकों के लिए दिल्ली-मेरठ का सफर सुहाना होगा। इस मार्ग पर चलने वाले वाहन दिल्ली से मेरठ तक की दूरी मात्र 45 मिनट में तय कर सकेंगे।

गाजियाबाद को होगा फायदा
हाईवे पर कई बड़े शैक्षिक संस्थान हैं। साथ ही विजयनगर, सिद्धार्थ विहार, प्रताप विहार, राहुल विहार समेत कई बड़ी कालोनियां हाईवे किनारे बसी हैं। दिल्ली-मुरादाबाद-लखनऊ आवागमन करने वाले वाहन भी एनएच-24 से ही गुजरते हैं।
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हाईवे किनारे बसे नोएडा और दूसरी ओर तेजी से विकसित होते इंदिरापुरम क्षेत्र के लाखों लोगों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे बनने के बाद जाम से मुक्ति मिलेगी। इंटीग्रेटेड, हाईटेक सिटी और हाईवे-24 किनारे विकसित होने वाली कई टाउनशिप के भावी रेजीडेंट्स को भी स्मूथ ट्रैफिक की सौगात मिलेगी।

कनेक्टिविटी से बढ़ेगा कारोबार
14 लेन चौड़ा एनएच-24 (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को मिलाकर) हाईवे किनारे बसी टाउनशिप और कालोनियों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी की सौगात मिलेगी। मेरठ के लिए एक विकल्प मिलने के कारण एनएच-58 पर वाहनों की संख्या कम होगी।

इससे मेरठ तिराहा, मोदीनगर में जाम से राहत होगी। रियल एस्टेट कारोबार में भी बूम आएगा। इंदिरापुरम, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली की कनेक्टिविटी होने से हाईवे किनारे कई बिल्डर प्रोजेक्ट साकार होंगे।

दिल्ली-उत्तराखंड के बीच दौड़ती गाड़ियों को मिलेगी रफ्तार
दिल्ली में निजामुद्दीन से मेरठ के परतापुर बाइपास तक बनने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद दिल्ली-मेरठ का सफर मात्र 45 मिनट का रह जाएगा।

दिल्ली से उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार और देहरादून जाने वाले लोगों का भी करीब एक घंटे का सफर यह एक्सप्रेस-वे कम करेगा। कई बार हुई उठा-पटक के बाद अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे योजना के परवान चढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के छह लेन पर जाने वालों को टोल टैक्स देना होगा। बाकी 8 लेन पर स्थानीय ट्रैफिक चलेगा। इसके लिए कोई टोल नहीं देना होगा। यूपी गेट से डासना तक हाईवे को 8 लेन और डासना से परतापुर बाइपास तक 6 लेन के एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा।

दिल्ली के अंदर निजामुद्दीन से यूपी गेट तक इसकी दूरी करीब 22 किलोमीटर है। जबकि गाजियाबाद में यूपी गेट से मेरठ की सीमा तक इसकी दूरी करीब 40 किलोमीटर होगी।

19 गांव होंगे प्रभावित
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे गाजियाबाद के 19 गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें डासना, कुशलिया, नाहल, चितौड़ा, कलछीना, फजलगढ़ भोजपुर आदि शामिल हैं। एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण को किसानों ने भी बिगुल बजा रखा है।

मुआवजे के लिए किसान और सरकार के बीच फाइनल सहमति नहीं बन सकी है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पूर्व किसान इस पर सेपरेटर और अंडरपास की मांग पर अडे़ हुए हैं।
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