ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित तिलपता कंटनेर डिपो में क्रेन के पहिए की चपेट में आने से दो कर्मचारियों की मौत हो गई। इनमें एक हेड मैकेनिक और दूसरा हेल्पर था। हादसे के बाद श्रमिकों ने मुआवजे की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक हंगामा किया।
पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ निवासी शत्रुघन तिवारी हेड मैकेनिक और कुशीनगर निवासी वेदप्रकाश मिश्रा हेल्पर के तौर पर कंटेनर डिपो स्थित आईडीएस कानकोर कंपनी में काम करते थे।
एक्सप्रेसवे पर हादसा, दो सगे भाइयों की मौत
शनिवार को दोपहर बाद क्रेन (लेंडिंग मशीन) का पहिया निकल गया। इसकी चपेट में आकर शत्रुघन और वेदप्रकाश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के परिजन भी वहीं पर काम करते हैं। हादसे के बाद कर्मियों ने वहां हंगामा कर दिया। उनकी मांग थी कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
करीब तीन घंटे तक हंगामा हुआ। शाम करीब सात बजे पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि दोनों लोगों को जिस काम पर लगाया गया था, वह उनका था ही नहीं। उन्हें उस काम की जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस मामले में कंपनी अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
डिवाइडर से टकराई कार, एक की मौत
ग्रेटर नोएडा के ही बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के महावड़ निवासी ब्रह्मसिंह और प्रवेश फोर्ड फिगो कार से शुक्रवार रात साकीपुर के पास से जा रहे थे। अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और डिवाडर से टकरा गई, जिससे कार सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। जहां ब्रह्मसिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि प्रवेश की हालत गंभीर बनी हुई है। सूरजपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
दिल दहला देने वाले हादसों में चार की मौत
वहीं, कासना कोतवाली क्षेत्र के बीटा-वन सेक्टर के रेयान गोलचक्कर पर एक मारुति स्विफ्ट कार असंतुलित होकर गोलचक्कर पर चढ़ गई। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर देर शाम कासना रोड पर रॉन्ग साइड से आ रही एक टाटा मैजिक दूसरी टाटा मैजिक से टकरा गई जिसमें छह महिलाएं घायल हो गईं। घायलों में पीपलका गांव निवासी सत्यवती, राजकुमारी, सावित्री, राम माया, विमला और सुनीता शामिल हैं। कैलाश अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद महिलाओं को छोड़ दिया गया है।