दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आधे घंटे में हुई दो मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों बदमाशों को पैर में गोली है। भलस्वा लैंडफिल के पास हुई मुठभेड़ में बदमाश की गोली से स्पेशल सेल में तैनात हवलदार बाल-बाल बच गया।
स्पेशल स्पेशल डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाहा के अनुसार, इंस्पेक्टर शिवकुमार की टीम को सूचना मिली थी कि तिलक नगर निवासी प्रथम आनंद उर्फ तुषार (32) भलस्वा लैंडफिल के पास सोमवार रात करीब नौ बजे आएगा।
इंस्पेक्टर शिवकुमार की टीम महेन्द्रा पार्क इलाके में हुई फायरिंग मामले में तुषार को एक महीने से तलाश कर रही थी। एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में टीम ने भलस्वा लैंडफिल के पास घेराबंदी की।
बाइक पर आए बदमाश तुषार को पुलिस टीम ने सरेंडर करने को कहा तो बदमाश ने गोली चला दीं। बदमाश की एक गोली हवलदार राकेश कुमार की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी गोली चलाईं। एक गोली तुषार के सीधे पैर में लगी। उसे जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तुषार ने मौके से छह से सात गोलियां चलाई थीं। तुषार ने अपने साथियों के साथ 25 मई को महेन्द्र पार्क इलाके में स्थित घर में घुसकर नरेश के पर कई राउंड फायरिंग की थी। तुषार के खिलाफ 25 से अधिक मामले दर्ज हैं।
मुठभेड़ से आधा घंटे पहले रात करीब साढ़े आठ बजे दूसरी मुठभेड़ राजघाट डिपो के पास हुई। इंस्पेक्टर सुनील रंजन, रविंद्र जोशी और विनोद बडोला की टीम ने न्यू उस्मानपुर निवासी इमरान (25) के आने की सूचना के पास डिपो के पास घेराबंदी की।
इमरान ने मौके भागने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने पर तीन राउंड गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी चार राउंड फायरिंग की। एक गोली इमरान के पैर में गोली लगी है। उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
आरोपी इमरान शास्त्री पार्क इलाके में हुई लूटपाट के मामले में वांछित था। आरोपी शास्त्री पार्क इलाके का गैर हाजिर बदमाश है। आरोपी इससे पहले 17 से ज्यादा केसों में गिरफ्तार हो चुका है।