दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध दो मरीजों की मौत हो गई। इन दोनों मरीजों का अंतिम संस्कार आईटीओ स्थित कब्रिस्तान में किया गया। इनमें से एक कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग महिला भी थीं जिन्हें एक दिन पहले ही परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल आने के बाद मरीज को कोविड वार्ड में भेज दिया गया और डॉक्टर ने कहा कि फोन पर आगे की जानकारी देंगे। परिजन रात भर फोन का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई कॉल नहीं आया।
बुधवार सुबह जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें मौत की सूचना मिली। हालांकि परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर अस्पताल प्रशासन की ओर से जानकारी नहीं मिली है। कोरोना की पुष्टि के लिए आज दोनों मृतकों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
खूजरी निवासी मृतक के भाई बताते हैं कि 60 वर्षीय उनकी बहन को पहले जगप्रवेश अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहां से उन्हें लोकनायक अस्पताल भेज दिया गया। यहां एंबुलेंस मरीज को बाहर ही छोड़ गई थी। इस बीच लोकनायक अस्पताल के डॉक्टर ने पूछा तो उन्होंने बताया कि एंबुलेंस यहां छोड़ गई है, मरीज की तबीयत ठीक नहीं है।
इसके बाद डॉक्टरों ने मरीज को वार्ड नंबर 27 में भेज दिया और उनसे कहा कि अब घर जाओ, मरीज की स्थिति फोन पर बताएंगे।
बुधवार सुबह जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो पहले वे तीन घंटे तक इंतजार करते रहे। फिर उन्होंने एक फोन और कुछ कपड़े इत्यादि स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिए। कुछ ही देर बाद कर्मचारी वापस आया और उसने बताया कि मरीज की मौत हो गई है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें अस्पताल से यह तक नहीं बताया कि मरीज को कोरोना कैसे हो गया। हालांकि परिजन के पास मौजूद लोकनायक अस्पताल के कार्ड की जब पड़ताल की गई तो पता चला कि उक्त महिला कोरोना संदिग्ध थीं।