-घटना 30 जनवरी 2019 को दोपहर करीब 12:30 बजे आईटीआई विवेक विहार के पास हुई थी।
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2019 में विवेक विहार इलाके में वाहनों की जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल पर गोली चलाकर उनकी हत्या की कोशिश के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरविंदर सिंह की अदालत ने राशिद और दीपक उर्फ बशीरा को हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी पर हमला करने से संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया। राशिद को अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल करने के मामले में आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी ठहराया गया है।
अदालत ने पारित आदेश में कहा कि दोनों आरोपी दोषी हैं। राशिद को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना 30 जनवरी 2019 को दोपहर करीब 12:30 बजे आईटीआई विवेक विहार के पास हुई थी। उस समय ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहनों की जांच कर रहे थे। राशिद मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि दीपक पीछे बैठा था। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर वाहन के दस्तावेज मांगे। आरोप था कि इसी दौरान राशिद ने देसी पिस्तौल निकालकर हेड कॉन्स्टेबल हरेंद्र की ओर तान दी। दीपक ने कथित तौर पर उसे गोली चलाने के लिए उकसाया। राशिद ने गोली चला दी, लेकिन सब-इंस्पेक्टर सोहन पाल सिंह ने बीच-बचाव किया। इसके कारण गोली ऊपर की ओर चली गई और हेड कॉन्स्टेबल बाल-बाल बच गए। राशिद को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि दीपक फरार हो गया। अदालत के आदेश के अनुसार, राशिद के कब्जे से हथियार के साथ पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए थे। दीपक को करीब दो महीने बाद उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष के गवाहों ने पहचान परेड के दौरान उसकी पहचान की। अदालत ने तीन ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों की गवाही को विश्वसनीय माना।