मेयर, सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर पदों पर अपने-अपने समर्थकों को बैठाने के लिए दो मंत्रियों के बीच मचे घमासान से भाजपा हाईकमान भी असमंजस में हैं। पार्टी हाईकमान दोनों नेताओं से संपर्क कर आपसी सहमति बनाने का प्रयास कर रही है लेकिन अभी कुछ तय नहीं हो पाया है।
वहीं दूसरी ओर मंत्री पुत्र एवं वार्ड 27 के पार्षद देवेंद्र चौधरी ने डिप्टी मेयर से अपना नाम वापस लेने की इच्छा जताई है। लेकिन अभी भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि पार्टी पदाधिकारी विवाद होने की बात से इनकार कर रहे हैं।
मेयर, सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर चुनने के लिए पार्टी संगठन ने कृषिमंत्री ओपी धनखड़ को पर्यवेक्षक बनाया। पिछले दिनों धनकड़ ने 40 पार्षदों में से भाजपा के विजयी 29 पार्षदों से एक-एक कर उनकी राय जानी।
लेकिन निगम में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए तीनों पदों के चयन में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और उद्योग मंत्री विपुल गोयल में सहमति नहीं बन पा रही है। सूत्रों की मानें तो गोयल चाहते हैं कि मेयर अथवा सीनियर डिप्टी मेयर उनका हो जबकि गुर्जर तीनों पदों पर अपना आदमी बैठाना चाहते हैं।
सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच शुरू हुए विवाद के बाद डिप्टी मेयर के दावेदार मंत्री पुत्र एवं वार्ड 27 के पार्षद देवेंद्र चौधरी ने अपना नाम वापस लेने की इच्छा जताई है। इसके बाद भी सहमति बनती नजर नहीं आ रही है।
अब दोनों मंत्रियों का ये विवाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक पहुंच गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला और कृषि मंत्री ओपी धनखड़ विवाद को सुलझाने में लगे हैं।
हमारी पार्टी लोकतांत्रिक और अनुशासित पार्टी है। किसी भी पद के लिए कोई विवाद नहीं है। मंडलायुक्त के बीमार होने के कारण शपथ ग्रहण स्थगित करना पड़ा। जल्द ही नई तिथि घोषित कर 12 फरवरी से पहले शपथ ग्रहण करा लिया जाएगा।-गोपाल शर्मा, जिला अध्यक्ष भाजपा