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कबाड़ गोदाम बना काल: सिलेंडर ब्लास्ट से दो बेटों की मौत, खतरे में तीसरे की जिंदगी; पिता मांग रहे सलामती की दुआ

Sun, 01 Jun 2025 09:55 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूराे, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के यमुनापार में वर्कशॉप और गोदाम में हुए विस्फोट में घायल तीन भाइयों में से दो की मौत हो गई। अपने दो बच्चों की खोने वाली शबाना का रो-रो कर बुरा हाल है। बार-बार वह बच्चों को याद करके बेसुध हो जा रही हैं। पिता अपने इकलौते बचे बेटे रजा की सलामति की दुआ मांग रहे हैं।
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सिलेंडर ब्लास्ट मामले में दो बच्चों की मौत - फोटो : ani
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विस्तार
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यमुनापार के नंद नगरी इलाके में शनिवार को वर्कशॉप और गोदाम में हुए विस्फोट में घायल तीन भाइयों में से मोहम्मद अब्बास (4) और साकिब (7) की मौत हो गई। तीसरे भाई राजा (9) और गोदाम कर्मचारी अरशद की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने एफआईआर में लापरवाही से हुई मौत की धारा भी जोड़ दी है। पुलिस गोदाम मालिक इकराम, जिसके मकान में गोदाम था उसके मालिक अनीस को खोज रही है।

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उत्तरी पूर्वी जिले के डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि सुंदर नगरी के-ब्लाक गली नंबर-छह में 22.50 गज में तीन मंजिला इमारत बनी है। इसकी पहली मंजिल पर अफसार पत्नी शबाना, तीन बेटे अब्बास, साकिब और रजा रहते हैं। अफसार मूल रूप से बुलंदशहर के अनूपशहर स्थित मोरी गेट सब्जी मंडी के रहने वाले हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए वह दो वर्ष पहले यहां आए थे। इसी मकान के भूतल पर कबाड़ का व्यवसाय करने वाले इकराम का गोदाम है। 

सीएनजी सिलेंडरों की मरम्मत काम अवैध तौर पर होता था
यहां सीएनजी सिलेंडरों की मरम्मत काम अवैध तौर पर होता था, जिससे इससे आसपास के लोग परेशान थे। शनिवार शाम यहां एक पुराने सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आकर गोदाम में काम कर रहे अरशद और बाहर खेल रहे अब्बास, साकिब, रजा गंभीर रूप से घायल हो गए। जीटीबी अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार सुबह करीब 4:30 बजे अब्बास और सुबह करीब छह बजे साकिब की उपचार के दौरान मौत हो गई।
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संबंधित विभागों की अनदेखी से मासूमों की गई जान
यमुनापार के कई क्षेत्रों की संकरी गलियों में कबाड़ के कई गोदाम हैं। इन इलाकों में सीएनजी सिलेंडरों को भी रखा जाता है, जो अक्सर हादसों की वजह बनते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासन अनदेखी करता है, जिसकी वजह से दो मासूमों की जान चली गई।

मां बेसुध, पिता उपचाराधीन बेटे की सलामती की मांग रहे दुआ
अपने दो बच्चों की खोने वाली शबाना का रो-रो कर बुरा हाल है। बार-बार वह बच्चों को याद करके बेसुध हो जा रही हैं। पिता अपने इकलौते बचे बेटे रजा की सलामति की दुआ मांग रहे हैं। घर के सामने ही उनकी ससुराल है। उन्होंने बताया कि ईद के लिए बच्चों के कपड़े खरीदने के लिए शबाना जाने वाली थी, लेकिन तभी यह हादसा हो गया।

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